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तारों के साथ संवाद के युग का द्वार खोलने के लिए

दिव्य मानवता के रूप में जीने का मार्ग

Voice of Space Brothers

पृथ्वी के भविष्य को उज्ज्वल बनाने के लिए (पूर्वार्ध)

प्रकाशित अद्यतन

★आकाशिक रिकॉर्ड और अन्य भविष्यवाणियों या आत्मिक दर्शन पर निर्भरता के बारे में

आध्यात्मिक जगत के एक हिस्से में ऐसा कहा जाता है कि “आकाशिक रिकॉर्ड में सारा अतीत, वर्तमान और भविष्य चित्रित और दर्ज है।”

कुछ लोग वहाँ उद्धार खोजते हैं, और अपने से जुड़े रिकॉर्ड खोलने का अनुरोध करके अतीत और भविष्य जानने की कोशिश करते दिखते हैं।

लेकिन वहाँ सच्चा उद्धार नहीं है।

केवल जान लेने से कुछ बदल नहीं जाता।

क्या किए हुए अतीत को किसी खेल की तरह क्लियर (शून्य) किया जा सकता है?

ऐसे भविष्य से, जिसमें आज के प्रयास से और बेहतर होने की कोई आशा नहीं, अपने विचार बाँधकर क्या आप संतुष्ट हैं?

भविष्य को बेहतर बनाने की शक्ति वर्तमान में चेतना की दिशा में ही है।

किसी से उद्धार माँगने वाली मनःस्थिति में ठहरे रहने से भविष्य को प्रकाशमय बनाना काफ़ी कठिन होगा।

किसी के कुछ कर देने की प्रतीक्षा करने के बजाय, क्या आप अपने भीतर की शक्ति की ओर देखना चाहेंगे?

वरना यह बहुत बड़ी बर्बादी है।

अपनी आंतरिक शक्ति पर, कृपया, विश्वास करके देखिए।

आप चाहे किसी भी स्थिति और परिवेश में हों, उसे बदलने की शक्ति स्वयं आपकी जीवन-शैली की प्रगति में है।

इसका अर्थ है चेतना के विकास की गहराई को शरीर के मन और तन में प्रकट करते हुए, हर एक सेकंड पृथ्वी के भविष्य के प्रति ज़िम्मेदारी महसूस करते हुए, दिव्य प्रकाश की एक-एक किरण के रूप में, एक-दूसरे की शक्ति प्रकट करते हुए और सहयोग करते हुए जीना।

इसलिए हम आकाशिक रिकॉर्ड या अन्य भविष्यवाणियों और आत्मिक दर्शन आदि पर निर्भर रहने की सलाह नहीं देते।

क्योंकि वहाँ दर्ज डेटा एक अर्थ में सही और एक अर्थ में गलत जानकारी है।

यानी पहला: सूक्ष्म लोक के रिकॉर्ड के रूप में देखें तो सही है, और दूसरा: सूक्ष्म लोक के अलावा किसी और आयाम (भौतिक लोक, आत्मिक लोक, देवलोक आदि) से देखें तो सही नहीं है।

और आत्मिक दर्शन आदि पर तो, जिस आत्मिक-शक्ति-संपन्न व्यक्ति का व्यक्तिगत स्व खाली नहीं हुआ है, उसका अपना फ़िल्टर चढ़ जाता है, इसलिए सटीक रूप से देखना बहुत कठिन है।

इन सबको मिलाकर दूसरे शब्दों में कहें तो, वे पूर्णतः सटीक तथ्य नहीं हैं।

धरती पर कुछ लोग कहते हैं, “बुरे भविष्य को पलटने के लिए भविष्य की भविष्यवाणी करना ज़रूरी है,” लेकिन हम ऐसा नहीं मानते।

और ऐसे कार्य, अनजाने में ही, कभी-कभी लोगों के मन को भ्रमित कर देते हैं।

क्योंकि उस भविष्यवाणी या आत्मिक दर्शन को देखने-सुनने वाले धरती के सभी लोग “ठीक है, उस बुरी भविष्यवाणी (दर्शन) को पलटकर दिखाऊँगा” जैसे सकारात्मक विचार छोड़ने वाले ही नहीं होते।

और उस भविष्यवाणी या दर्शन के संपर्क में आकर पैदा हुए अनेक नकारात्मक विचार, असामंजस्यपूर्ण भविष्य के साकार होने को बढ़ावा देने वाली कर्म-ऊर्जा बनकर, आकाशिक रिकॉर्ड कहलाने वाले सूक्ष्म लोक के स्वरूप के रूप में दर्ज हो जाते हैं।

इस तरह, चेतना के विकास की आशाजनक प्रतिभा वाले लोग, नियति सुधारने का कोई उपाय न पाकर, आज की अराजक नियति को रूप बदलकर कल और परसों तक खींचते जा रहे हैं।

कितनी बड़ी बर्बादी है यह। (अगली बार जारी)

 

दिव्य मानवता के रूप में जीने का मार्ग

इस ब्लॉग के संदेश, विषय के अनुसार एक पुस्तक-श्रृंखला में फिर से संजोए गए हैं।
यह श्रृंखला एक-एक खंड करके प्रकाशित की जाएगी।

Angelusbell

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वीडियो एक-एक करके जारी किए जाएँगे।

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