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तारों के साथ संवाद के युग का द्वार खोलने के लिए

दिव्य मानवता के रूप में जीने का मार्ग

Voice of Space Brothers

पृथ्वी के भविष्य को उज्ज्वल बनाने के लिए (उत्तरार्ध)

प्रकाशित अद्यतन

(पिछली बार से जारी)

★जीवन को जलाकर वर्तमान को पूरी तरह जीना महत्वपूर्ण है

आज पृथ्वी पर रहने वाली मानवता के चेतना-स्तर पर, भविष्य और अतीत दोनों को विस्तार से जानने की कोई आवश्यकता नहीं है।

जानकर अतीत में जकड़े रहने या बदल सकने वाले भविष्य के प्रति चिंता और भय के विचार पालने से तो, न जानना ही बेहतर है।

उससे बढ़कर, सबसे बढ़कर, वर्तमान को पूरी तरह जीना है।

रचनात्मक रूप से, आगे की ओर देखते हुए, उज्ज्वल आशा रखते हुए, कभी हार न मानते हुए, दृढ़ता से प्रकाशमय सोच पर डटे रहना है।

यही जीवन के प्रकाश को जलाना है, इसी क्षण जीवन-ऊर्जा को पूरी तरह प्रज्वलित करना है, और आगे की ओर चेतना के विकास में अपनी सारी शक्ति उँडेल देना है।

इसका अर्थ है खुद को क्षमा करते और स्नेह देते हुए प्रेम करना, और दूसरों को क्षमा करते और स्नेह देते हुए प्रेम करना, ऐसी जीवन-शैली जीना।

इसके लिए प्रेम और सार्वभौमिक सत्य के विचार, वचन और कर्म को शांत भाव से लगातार करते रहना है।

ऐसा करते-करते व्यक्तिगत स्व के विचार सच्चे स्व की चेतना में लौट जाते हैं, और लघु स्व महान स्व में रूपांतरित हो जाता है।

अगर आप खुद को सचमुच क्षमा करते और स्नेह देते हुए प्रेम कर सकें, तो खुद को बचाने वाले स्वार्थी विचारों के उठने की फ़ुर्सत ही नहीं रहती, और मानव-समाज के समग्र महान सामंजस्य की प्राप्ति के लिए, और आगे पूरे ब्रह्मांड के विकास के लिए, अपना सब कुछ अर्पित करके, मिशन पूरा करने वाले इसी क्षण को पूरी तरह जीना संभव हो जाता है।

यही दिव्यता की जीवन-शैली है।

ऐसे लोग अब दुनिया के विभिन्न स्थानों पर यहाँ-वहाँ प्रकट होने लगे हैं।

ऐसे लोगों के रहने के क्षेत्र, ब्रह्मांड से देखें तो, स्पॉटलाइट की तरह चमकते हुए आसपास के क्षेत्रों को रोशन कर रहे हैं।

ब्रह्मांड से देखे पृथ्वी के रात के दृश्य को याद कीजिए।

जहाँ लोग नहीं रहते वह क्षेत्र अँधेरा है, और जहाँ लोग रहते हैं वहाँ रोशनी जलती दिखती है न?

बिल्कुल वैसा ही है।

★पृथ्वी के भविष्य को उज्ज्वल बनाने वाला है

आप लोगों के रहने का क्षेत्र प्रकाश से चमक रहा है।

अगर आप दिव्य क्षेत्र के स्पंदन वाले ब्रह्मांडीय अंतरिक्ष से हमारे जैसा ही दृश्य देख सकते, तो इस तथ्य को हम साथ मिलकर बाँट सकते……

पृथ्वी के भविष्य को उज्ज्वल बनाने वाला है वर्तमान में जीने वाले आप लोगों के विचार, वचन और कर्म।

इसके अलावा कोई भी कारक नहीं है।

कृपया इस बात को समझिए।

चेतना के विकास का नेतृत्व कीजिए।

बस स्वयं अपना मार्गदर्शन करना ही पर्याप्त है।

आप बदलेंगे तो दुनिया का आत्मिकीकरण आगे बढ़ेगा।

तब समस्त मानवता के लिए जागना आसान हो जाएगा।

उसके बाद के घटनाक्रम के लिए भी सारी तैयारी कर रखी है।

सच्चा भविष्य तो केवल बेहतर ही हो सकता है।

यही वह भविष्य है जो दिव्यता की जीवन-शैली के परिणाम के रूप में बनता है।

आप उस जीवन-शैली के प्रमाण बनेंगे।

मानवता की आयु बढ़ाना भी आपकी भूमिका है।

आत्मिक दृष्टि से देखें तो, आप इतनी कम संख्या में होते हुए भी, हर एक व्यक्ति कई लाख से कई दस लाख लोगों का प्रभारी है।

लेकिन ऊपर उठाने वाले आप नहीं हैं।

वह दिन आएगा जब बहुत बड़ी संख्या में मानवता उस रास्ते से गुज़रेगी जिससे आप सब गुज़रे हैं।

इसीलिए कहते हैं कि आप भविष्य की आशा हैं।

आपका अस्तित्व पृथ्वी के भविष्य को उज्ज्वल बनाने के लिए अनिवार्य, बहुमूल्य वस्तु है।

कृपया इसका बोध रखते हुए, लेकिन सहज रहते हुए, दिव्यता के विकास का मार्ग खोलते रहिए।

आपसे विनम्र अनुरोध है। (समाप्त)

 

 

दिव्य मानवता के रूप में जीने का मार्ग

इस ब्लॉग के संदेश, विषय के अनुसार एक पुस्तक-श्रृंखला में फिर से संजोए गए हैं।
यह श्रृंखला एक-एक खंड करके प्रकाशित की जाएगी।

Angelusbell

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वीडियो एक-एक करके जारी किए जाएँगे।

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