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तारों के साथ संवाद के युग का द्वार खोलने के लिए

दिव्य मानवता के रूप में जीने का मार्ग

Voice of Space Brothers

असेंशन किया हुआ मनोबल और आत्मिक-प्रकाश का सूर्य

प्रकाशित अद्यतन

★नियति-सृजन का दोराहा

जो हुआ
जो हो गया
जो किया
जो कर बैठे

नियति में उपजी
तरह-तरह की स्थितियों के सामने
उस समय
क्या सोचते, क्या कहते
कैसे करते हो

वहीं है
नियति-सृजन का दोराहा

जीवन में पल-पल प्रकट होते
उस दोराहे के सामने
उस समय क्या महसूस करते
कौन-सा रास्ता चुनते हो

यह चेतना के स्तर पर भी
निर्भर करता है, लेकिन……

★नियति रचने वाला साकार होने का क्षण

चुनाव के उस क्षण को
पीड़ा समझकर
वेदना के बाद ठहर जाना भी
असली स्वाद समझकर
आगे बढ़कर रास्ता चुनना भी
स्वयं की स्वतंत्र इच्छा से स्वतंत्र चुनाव

अंधकार का रास्ता चुनना भी
प्रकाश का रास्ता चुनना भी
सब कुछ खुद अपना
चुनाव, निर्णय, अमल नाम का
नियति रचने वाला साकार होने का क्षण

भविष्य को बाँटने वाला
वह नियति का मोड़
अगर खुशी की घटना हो
तो कोई भी बिना पीड़ा के बढ़ जाता है
लेकिन अवांछित घटना के सामने
तुम किस भाव से रास्ता चुनोगे?

उस समय के भाव के ढंग से
आने वाली नियति में
ज़मीन-आसमान का अंतर पैदा होता है

280824

★आत्मा के वयस्क का मनोबल

जब कोई बड़ी मुश्किल आए
जब असफलता या गलती हो
ऐसे समय
सहज रूप से उसे सकारात्मक लेकर
आगे बढ़कर अच्छा करने की कोशिश करना
यही असेंशन कर चुके
और कर रहे लोगों का देखने का ढंग है

और यही
आत्मा के वयस्क का मनोबल भी है

★पृथ्वी-जगत को प्रकाशमय बनाने की नींव

ऐसा चुनाव ही
अपनी और आसपास की नियति को
और अंततः
देश और दुनिया की नियति को
प्रकाशमय बनाने की नींव है
और इस दुनिया में
ऐसे आत्मा के वयस्क
एक या दो भी बढ़ जाएँ
तो बस इतने से
उस व्यक्ति के परिवार, संगठन
देश और तारे की नियति प्रकाशमय होने लगती है

★असेंशन किए हुए मनोबल के स्रोत में जो है

असेंशन की हुई चेतना से निकलने वाले
उस मनोबल के स्रोत की ऊर्जा
वह है
मानवता के हृदय के ज़रिए
पृथ्वी-जगत की नियति को प्रकाशमय बनाने वाला
आत्मिक-प्रकाश का सूर्य
जिसका दूसरा नाम
जीवन का प्रकाश है

★जागने का समय अब है

महाब्रह्मांड को रचकर
हर तारे के धरती-आकाश में
असीम विकास को आगे बढ़ाने वाला
वह आत्मिक-प्रकाश का सूर्य
तुम पृथ्वी की मानवता के इस तारे पर
स्वर्ग से उतरने के प्राचीन समय से
आज इस क्षण तक
अपरिवर्तित चमकता रहा है

जीवन के सार को भूल चुकी पृथ्वी की मानवता के
हर व्यक्ति के मन-आकाश पर छाए
विचार-आदतों के काले बादलों के ऊपर

इस तथ्य को अब
याद कर लेने का समय नहीं है क्या?
क्योंकि जीवन-चेतना के प्रति जागने का क्षण
ठीक अभी, यही क्षण है

दिव्य मानवता के रूप में जीने का मार्ग

इस ब्लॉग के संदेश, विषय के अनुसार एक पुस्तक-श्रृंखला में फिर से संजोए गए हैं।
यह श्रृंखला एक-एक खंड करके प्रकाशित की जाएगी।

Angelusbell

वीडियो जल्द आ रहे हैं

वीडियो एक-एक करके जारी किए जाएँगे।

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