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तारों के साथ संवाद के युग का द्वार खोलने के लिए

दिव्य मानवता के रूप में जीने का मार्ग

Voice of Space Brothers

अभी महत्वपूर्ण समय है (उत्तरार्ध)

प्रकाशित अद्यतन

(पिछली बार से जारी)

★पृथ्वी को विकसित करने का तरीका

मानवता की इस समान रूप से धारण की गई दिव्यता को खोजने और स्वीकार करने वाले लोग जितने बढ़ेंगे, उतने ही अधिक चेतना के जागरण के अवसर उन लोगों को मिलेंगे जिनकी दिव्यता अभी सोई हुई है।

क्योंकि मानवता की चेतना, बिना एक भी अपवाद के, एक ही स्रोत और एक ही मूल की है, और आगे चलने वालों की चेतना का जागना पीछे आने वालों की चेतना के विकास को गति देता है।

और जिस प्रकृति और सभी जीवों को अब तक उद्दंड व्यवहार से मैला, घायल और पीड़ित किया गया, उनके प्रति कृतज्ञता अर्पित करने वाले लोग जितने बढ़ेंगे, उतना ही उनके पुनर्जीवन का मार्ग खुलेगा।

क्योंकि समस्त सृष्टि “ऐसा हो” सोचने वाली ब्रह्मांड की सृजनात्मक चेतना की उपज है।

दूसरे शब्दों में, क्योंकि यह मानवता की चेतना के प्रतिबिंब से बनती है।

परम सार्वभौमिक सत्य के दृष्टिकोण से देखें, तो ब्रह्मांड का सब कुछ स्वयं का अंश-शरीर और अंश-मन है, इसलिए यह जानने तक पहुँचते हैं कि दूसरों को मैला, घायल और पीड़ित करना असल में स्वयं के साथ वैसा ही व्यवहार करना था।

इसके उलट, दूसरों को क्षमा करने, प्रेम करने और जीवंत करने वाली जीवन-शैली, अंततः स्वयं को क्षमा करना, प्रेम करना और जीवंत करना भी बन जाती है।

सच्चे चेतना के विकास की गहराई में ऐसा सार्वभौमिक सत्य का दृष्टि-क्षेत्र खुला हुआ है।

वहाँ तक चेतना गहरी होने पर ही पहली बार एकत्व की वास्तविकता को शारीरिक अनुभव के रूप में समझा जा सकता है।

घटनाओं का बिगड़ना डरने योग्य नहीं।

सब कुछ अस्थायी है, मिटते हुए स्वप्न या भ्रम जैसा है।

वर्तमान की विभिन्न स्थितियों का परिवर्तन, पृथ्वी-संसार में महान सामंजस्य का समाज जन्माने तक की बहुत छोटी सी बीच की प्रक्रिया भर है।

आप अभी जिन अभूतपूर्व घटनाओं का अनुभव कर रहे हैं, वे पहले ही विकसित (आत्मिकीकृत) हो चुके ब्रह्मांड के तारों ने कम-ज़्यादा अनुभव की हैं।

आपकी आत्मा की गहराई में ऐसी स्थितियों को पार करके तारों का आत्मिकीकरण करने का अनुभव संचित है, और वह स्मृति मिटे बिना आपकी आत्म-देह और दिव्य-देह में रची-बसी है।

वह ऐसी है जैसे एक बार मन और शरीर में रचाकर सीखी हुई तकनीक, दशकों बाद भी न मिटकर, “पुराने हुनर” की तरह फिर से की जा सके, ऐसी पुनरुत्पादन-योग्य चीज़, उदाहरण के लिए, स्कीइंग या स्केटिंग जैसी तकनीक जो सालभर नहीं की जाती, वैसी चीज़ बनकर आपकी गहराई में पुनर्जीवन के समय की प्रतीक्षा कर रही है।

कृपया अनेक तारों के पुनर्निर्माण के अनुभव और उसकी स्मृति को पुनर्जीवित करके पृथ्वी-संसार की पूर्णता के अंतिम चरण में उसका उपयोग कीजिए।

अभी महत्वपूर्ण समय है।

इस समय को, कृपया, महत्व दीजिए।

मानवता की दिव्यता के लिए एकाग्र होकर प्रार्थना कीजिए।

हार माने बिना, स्पष्ट रूप से प्रकाश डालकर प्रार्थना की जाए।

इससे बड़ी कोई बात नहीं।

आपकी गहरी साँस ही हमें और आपको जोड़ने वाला पुल है।

इसे लापरवाही या उपेक्षा से न किया जाए।

विनम्र अनुरोध है। (समाप्त)

 

 

दिव्य मानवता के रूप में जीने का मार्ग

इस ब्लॉग के संदेश, विषय के अनुसार एक पुस्तक-श्रृंखला में फिर से संजोए गए हैं।
यह श्रृंखला एक-एक खंड करके प्रकाशित की जाएगी।

Angelusbell

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वीडियो एक-एक करके जारी किए जाएँगे।

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