पृथ्वी को मृत तारा न बनने देने के लिए (उत्तरार्ध)
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(पिछली बार से जारी)
★केवल तुम लोगों से हो सकने वाला अनमोल काम
हर दिन, हर घंटे, हर मिनट, हर सेकंड पृथ्वी की सुख-शांति और संसार की मानवता की दिव्यता के फिर से जागने के लिए प्रार्थना करने वाले लोग, पूरी पृथ्वी को कोने-कोने तक देख लो, तुम लोगों के सिवा कोई नहीं हैं।
ऐसे तुम लोगों की रक्षा ब्रह्मांड के दूसरे तारों की मानवता और पृथ्वी-लोक के अनेक देवता और शुभ आत्माएँ विशेष रूप से करते हैं, और पृथ्वी पर कुछ भी हो, तुम्हें हमेशा सहारा और मार्गदर्शन मिलता है।
तुम लोग अच्छी तरह जानते हो कि अपना जीवन खोलने वाला, अपनी दिव्य चेतना में जड़ें जमाया अपना ही कर्म है, और तुम सब कुछ भगवान पर छोड़ देने वाली मनःस्थिति में भी नहीं हो, इसलिए यह संभव है।
ज़्यादातर मामलों में पृथ्वी के लोग अभी अपने ही कामों में उलझे हैं, और प्रार्थना भी अक्सर वहीं से निकलती है, इसलिए स्पंदन में दूरी रहती है, और पृथ्वीवासियों के चेतना-विकास का साथ देने वाले देवताओं और देवदूतों का प्रकाश वे अपनी चेतना में पकड़ नहीं पाते।
इसलिए, जैसा अभी कहा, तुम लोगों जैसे भौतिक शरीर वाले देवताओं के भौतिक तत्व पर संसार भर के देवता और देवदूत भरोसा करते हैं।
तुम लोगों का मन-शरीर, जीवन के मूल स्रोत के प्रकाश और भौतिक स्पंदन को मिलाकर बनाए गए कोमल प्रकाश, यानी मनुष्यों के लिए ग्रहण करना आसान स्पंदन वाले प्रकाश को जोड़कर पैदा करने वाले केंद्र का काम कर रहा है।
यह बहुत लंबे समय की प्रार्थना का फल है, और इसे अनगिनत पुनर्जन्मों में पाली गई दिव्य शक्ति का एक प्रकार भी कहा जा सकता है।
हम हमेशा तुम लोगों के मन की दशा देखते हैं, और बहुत से लोग दिन का बड़ा हिस्सा पूरे की चेतना में जीते हैं, और अहं की गंदगी में लगभग डूबते ही नहीं।
इसलिए अगले साल तुम्हें चुपचाप और भी बड़ा काम करना होगा।

★पृथ्वी की शांति के अग्रदूतो
बस थोड़ा और, थोड़ा और, और पृथ्वी पर बड़ा बदलाव होने का समय आएगा।
वह डोमिनो की तरह गिरते जाने, सूखे मैदान में आग फैलने की तरह, दिव्यता के पुनर्जागरण की धारा के संसार भर में फैलने का समय है।
अफ़ग़ानिस्तान जैसी उलझी हुई धरती पर भी, शांति चाहने वाले और अँधेरी शक्तियों से न डगमगाने वाले महान लोग प्रकट होने लगे हैं, है न।
यह आगे के समय में साफ़ प्रमाणित होगा, लेकिन यह सब तुम लोगों ने ही तैयार किया है।
अब से ऐसे लोग संसार भर में प्रकट होने लगेंगे।
और लोग पीछे लौटे बिना पूर्ण शांति के लिए काम करने लगेंगे।
दिव्यता का फिर से जागना महान पूर्णता पाएगा।
थोड़ा और समय बीतने पर, संसार की सारी मानवता मानने लगेगी कि मन की शांति से बढ़कर कुछ भी महत्वपूर्ण नहीं है।
ऐसे भविष्य को पक्का करने के लिए भी, ढील दिए बिना इस साल से अगले साल तक पूरी तरह जीते रहो।
क्योंकि अभी भी कई कठिन मोड़ हैं, और ऊपरी संसार में उलझन की संभावना है।
लेकिन इसलिए निराश होने की ज़रूरत नहीं है।
पृथ्वी निश्चित रूप से बेहतर तारा बनेगी।
जब तक तुम लोग और हम हैं, पृथ्वी को मृत तारा बिल्कुल नहीं बनने देंगे।
हमारी योजना ज़रा भी चूके बिना पूरी की जा रही है।
इसलिए निश्चिंत रहकर, लेकिन मन को कसकर, हर काम में जुटो।
तुम लोग इस समय ही सँभाल न सको इतना गौरव हाथ में ले चुके हो, लेकिन आगे और भी, और भी बड़ी खुशी से घिरे हुए जियोगे।
पृथ्वी की शांति के अग्रदूत के रूप में, तुम लोगों का नाम ब्रह्मांड में गूँज रहा है।
यह तथ्य भी किसी दिन हर कोई जान लेगा। (समाप्त)






