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तारों के साथ संवाद के युग का द्वार खोलने के लिए

दिव्य मानवता के रूप में जीने का मार्ग

Voice of Space Brothers

पृथ्वी-जगत में सामंजस्य लाने वाली शक्ति (उत्तरार्ध)

प्रकाशित अद्यतन

(पिछली बार से जारी)

★विभिन्न देवताओं, अंतरिक्ष के भाइयों और पृथ्वी के सच्चे लोगों की त्रिमूर्ति बनकर पृथ्वी के उद्धार का कार्य

तो धरती पर चेतना के विकास की ओर बढ़ने वाले लोगों के भौतिक शरीर के साथ मिलकर काम करते हुए, धरती की हालत सूक्ष्म लोक जैसी हूबहू वास्तविकता बन जाए, इसे किनारे पर ही रोका जा रहा है; पर इस सबके बीच जो चाहा जाता है वह यह कि धरती के हर क्षेत्र का आयामी स्पंदन, दिव्यता तक न सही, कम से कम आत्मिकता की गूँज ग्रहण कर सकने जितना ऊपर उठ जाए।

तुम लोग इस पहलू में भी सचमुच आठ चेहरों और छह भुजाओं वाले काम कर रहे हो; जहाँ तुम रहते हो, जहाँ चलते हो, जहाँ जाकर उतरते हो, जिसे मन में याद करते हो, जो टीवी पर देखते हो, उन सब क्षेत्रों में आयाम का आत्मिकीकरण लाने वाली पवित्र साँस बिखेरकर, स्पंदन के सूक्ष्मीकरण को बढ़ावा दे रहे हो।

पर साथ ही, जिनकी चेतना अतीत में जी रही है ऐसी मानवता के भेजे विचार आयाम को नीचे भी खींच रहे हैं, इसलिए ठीक खींचातानी जैसे रूप में, आयाम का उत्थान एक क़दम आगे, एक क़दम पीछे की रस्साकशी में चल रहा है।

इस तरह पृथ्वी को शांतिपूर्ण ग्रह बनाना, मानवता की चेतना को दिव्यता के प्रति जगाना, आसान बात नहीं है; पर दिव्यता की चेतना-ऊर्जा की शक्ति, हाँ……, कर्म-स्पंदन की तुलना में, व्यक्ति के अनुसार दस गुना से लेकर लाखों गुना तक होती है, इसलिए थोड़े लोगों से भी किसी तरह पार पाकर, उजड़े हुए मन के बंजर को थोड़ा-थोड़ा करके जोता जा रहा है, ऐसी स्थिति है।

फिर कभी इस साल जैसा बड़ा मोड़ शायद आए, पर 2017 को पार भर कर लो, तो बंजर को जोतना काफ़ी आसान हो जाएगा।

अभी व्यक्ति की चेतना के जागरण को बहुत-बहुत सावधानी से सींचकर बढ़ाया और दिशा दी जा रही है, पर पूरी मानवता में बड़े पैमाने पर चेतना का जागरण होना और विश्व-स्तर पर दिव्यता का पुनर्जागरण होना, आख़िर तब ही होगा जब हम या पृथ्वी-लोक के देवता भौतिक रूप में प्रकट होंगे।

उस समय को थोड़ा भी जल्दी वास्तविक बनाने के लिए आख़िर आयामी स्पंदन के आत्मिकीकरण को बढ़ावा देना है, और उसके लिए तुम लोगों का अपने सारे विचार, वचन और कर्म महान सामंजस्य के प्रार्थनामय हृदय से निकालकर करना, किसी भी चीज़ से बढ़कर शक्ति बनता है।

ख़ास तौर पर जब तुम लोग अपने-अपने रोज़मर्रा में, या सहृदय लोग इकट्ठा होकर, दुनिया के हर देश और हर क्षेत्र की शांति की प्रार्थना उन देशों की भाषाओं में करते हो, तब हर देश के राष्ट्र-देवता और हर क्षेत्र के भूमि-रक्षक देवता से लेकर विभिन्न देवलोकों के तीनों लोकों के उद्धार के प्रभारी देवता और पृथ्वी को सहारा देने वाला ब्रह्मांड का सहायता-दल, उस प्रार्थना से बनने वाले अर्ध-भौतिक आत्मिक तत्व को ऊपर आकाश में ग्रहण करके, हर देश और क्षेत्र में रहने वाली पृथ्वी की मानवता के मन-शरीर में बहा रहे हैं।

उसी से बुरे कर्म रोके जा रहे हैं और तरह-तरह की हानि छोटी रह जा रही है, यह आज की स्थिति है।

★ताकि तुम लोग निश्चिंत होकर काम कर सको

हम पृथ्वी की मानवता की शांति और प्रकृति व जीवों के कुशल-क्षेम की प्रार्थना करने वाले तुम लोगों के मन-शरीर के माध्यम से पृथ्वी-जगत पर काम कर रहे हैं।

अपने को माँजते और ऊँचा उठाते हुए पूरी मानवता की चेतना के स्तर को ऊपर उठाने की कोशिश करने वाले तुम लोग अशांत लहरों में न फँस जाओ, इसके लिए हम पूरी सावधानी से तुम लोगों की गतिविधि देख रहे हैं।

इसलिए पूरी पृथ्वी के सामंजस्य और मानवता की चेतना के विकास को हमेशा आगे बढ़ाने वाले तुम लोगों के लिए चिंता करने या डरने की एक भी बात नहीं है।

तुम लोग जो सोचते, कहते और करते हो, वह हमेशा प्रकृति और सब जीवों का कुशल-क्षेम है, और मानवता की दिव्यता के जागरण की प्रार्थनामय हृदय है, इसके लिए हम किसी से भी ज़्यादा हृदय से कृतज्ञ हैं।

क्योंकि तुम लोगों के भीतर ही हम रहते हैं, और हमारे जैसे ही मन की दुनिया में तुम लोगों की चेतना रहती है। (समाप्त)

 

 

 

दिव्य मानवता के रूप में जीने का मार्ग

इस ब्लॉग के संदेश, विषय के अनुसार एक पुस्तक-श्रृंखला में फिर से संजोए गए हैं।
यह श्रृंखला एक-एक खंड करके प्रकाशित की जाएगी।

Angelusbell

वीडियो जल्द आ रहे हैं

वीडियो एक-एक करके जारी किए जाएँगे।

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