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तारों के साथ संवाद के युग का द्वार खोलने के लिए

दिव्य मानवता के रूप में जीने का मार्ग

Voice of Space Brothers

दिव्य मानवता के रूप में बुनियाद स्थापित करने के लिए (पूर्वार्ध)

प्रकाशित अद्यतन

★दिव्यता के पुनर्जागरण तक का रास्ता और उसे खींचने वाली शक्ति

पृथ्वी पर जीने वाली मानवता असली सत्य को परखने वाली आँख रखने लगे, तो सच्चा सत्य प्रसारित करने वाले व्यक्ति या संगठन को पहचानकर, उन लोगों के साथ क़दम मिलाकर, पूरी दुनिया को लक्ष्य बनाने वाली आयाम-उत्थान गतिविधि में भाग ले सकती है।

वह, जैसा हमेशा कहता हूँ, पृथ्वी के देवता, अपनी दिव्यता याद कर चुकी धरती की मानवता, और पृथ्वी की मानवता से गहरा नाता रखने वाले तारों से भेजी गई ब्रह्मांड की मानवता, इन तीनों की त्रिमूर्ति बनकर की जा रही पृथ्वी-उद्धार गतिविधि है।

अभी कुछ दर्जन देशों की ही भागीदारी है, पर इस गतिविधि में अंत में देश या जाति के भेद के बिना हर क्षेत्र की सब नस्लों के प्रतिनिधि नाम जोड़ेंगे, ऐसा तय है।

अभी वे लोग केंद्र बनकर पृथ्वी के सब क्षेत्रों का आयाम ऊपर उठाकर (आत्मिकीकरण आगे बढ़ाकर), जीवन के सार की ओर आसानी से नज़र न डालने वाली मानवता भी खुद दिव्यता याद करे, इसके लिए मन की गहराई के सत्य के प्रति जागने में आसान वातावरण बनाने में लगे हैं।

पृथ्वी के उपन्यास, कॉमिक्स, नाटक या फ़िल्म के स्तर की गढ़ी कहानियों में कभी ऐसी भविष्य-कल्पना चित्रित होती है कि केवल चुने हुए लोग जीवन बचाते हैं और उस स्तर तक न पहुँचने वाले छाँट दिए जाते हैं, पर वास्तव में ऐसा अमानवीय भविष्य नहीं होगा, यह तय है।

और बाहरी शत्रु (अंतरिक्ष से आक्रमणकारी या शैतानी अस्तित्व) से पृथ्वी की रक्षा के उद्देश्य से मानवता एकजुट होकर लड़ाई के अंत में भविष्य जीत लेती है, ऐसी कहानियाँ भी पसंद की जाती हैं, पर पृथ्वी का भविष्य तय करने वाले और कोई नहीं, पृथ्वी के लोग खुद हैं, इसलिए ऐसी कहानियों से ज़्यादा अपने भीतर की ओर नज़र डालना महत्वपूर्ण है।

सच्ची भविष्य-कथा पृथ्वी की मानवता के दिव्यता के प्रति जागकर उचित रूप से जीने की, अत्यंत सरल यात्रा के सिवा कोई नहीं।

क्योंकि पृथ्वी की पूरी मानवता मूल रूप से स्वर्ग से उतरे देवताओं की संतान है, और पूरी मानवता में निहित दिव्यता के अंततः पुनर्जीवित होने का रास्ता, पटरी, पृथ्वी तारे के बसाए जाने की शुरुआत से ही मज़बूती से बिछी हुई थी।

पर इसे शुरू से उद्घाटित कर देते, तो पृथ्वी की मानवता शरीर से जुड़ी विचार-प्रवृत्ति “आराम की ओर बहना” वाला जीवन-ढंग चुनकर चलना रोक देने वाले लोग बढ़ जाने का भविष्य दिख रहा था, इसलिए अगले चरण का रास्ता हमेशा ठीक पहले तक सिखाया नहीं जा सकता था।

अभी पृथ्वी अंतिम पूर्णता के ठीक पहले के चरण में है, इसलिए सच्चा सत्य और अंतिम सत्य आख़िरकार पृथ्वी की मानवता को उद्घाटित किए जाने तक बात पहुँची है।

पर यह सब मानवता के लिए समयोचित नहीं; चेतना के विकास की अग्रिम पंक्ति में चलने वाले पहले सत्य को छूकर रासायनिक प्रतिक्रिया करें, और अपने में निहित दिव्यता याद करने वाले लोग जगह-जगह प्रकट होने लगें, वहीं से मानवता का परिवर्तन शुरू होना तय है।

तो तुम लोग उस ब्रह्मांड के सत्य से अनुनाद करने का समय आ जाने पर हमारी बात में रुचि लेकर इस ब्लॉग से नाता बनाए हुए हो, यही बात है। (अगली बार जारी)

 

 

दिव्य मानवता के रूप में जीने का मार्ग

इस ब्लॉग के संदेश, विषय के अनुसार एक पुस्तक-श्रृंखला में फिर से संजोए गए हैं।
यह श्रृंखला एक-एक खंड करके प्रकाशित की जाएगी।

Angelusbell

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वीडियो एक-एक करके जारी किए जाएँगे।

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