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तारों के साथ संवाद के युग का द्वार खोलने के लिए

दिव्य मानवता के रूप में जीने का मार्ग

Voice of Space Brothers

चेतना का विकास और निकट भविष्य (उत्तरार्ध)

प्रकाशित अद्यतन

(पिछली बार से जारी)

पृथ्वी का निकट भविष्य और चेतना का विकास पाए व्यक्ति की स्थिति

तुम लोगों की चेतना के विकास की प्रगति को हम तो देख ही रहे हैं, देवलोक के पृथ्वी-उद्धार के देवता भी आशा से देख रहे हैं।

क्योंकि अब पृथ्वी का आत्मिकीकरण केवल तुम लोगों के शरीर के माध्यम से ही हो सकता है, यह उच्च-आयामी दुनिया की साझा पहचान बन चुकी है।

अपने को ऊँचा उठाते हुए मानवता को गहरा करना, तुम लोगों की रोज़मर्रा की यह सच्ची साधना तुम लोगों के अपने दिव्य चरित्र को ऊँचा उठाते हुए, साथ ही मानवता के सत्य के प्रति जागरण को प्रेरित कर रही है।

इसलिए पूरी पृथ्वी का भाग्य चाहे कैसे भी रूप में सतह पर आए, तुम लोगों के जीवन का प्रकाश क्षतिग्रस्त नहीं होगा।

मानवता के जागरण को प्रेरित करने वाली घटनाएँ आगे भी हो सकती हैं, पर कुछ भी हो जाए, तुम लोगों के जीवन का सार क्षतिग्रस्त नहीं होगा, और महामारी फैलने जैसे समय भी तुम लोग ज़रूरी तैयारी करते हुए, शांत, सहज मन से समय बिता सकते हो।

किसी भी समय, तुम लोग जीवन को सहारा देने वाली कृपा खोज सकते हो।

जिन्हें अभी स्वास्थ्य की चिंता है, वे भी ज़रूरी इलाज और देखभाल को महत्व देते हुए, चेतना के विकास के साथ मूल स्वास्थ्य फिर से पाने की शक्ति बाहर ला सकते हैं, और आसपास के लोगों के स्वास्थ्य को सहारा भी दे सकते हैं।

धीरे-धीरे, दिन-दर-दिन, महीने-दर-महीने, साल-दर-साल, ऐसे लोग भी बढ़ रहे होंगे जिन्हें दुर्भाग्य महसूस होना बंद हो गया है।

चेतना-स्तर ऊपर उठे, तो पहचान से दुनिया बदली जा सकती है, यह रहस्य स्वाभाविक रूप से याद आने लगता है, इसलिए “ऐसा करूँ, वैसा करूँ” जैसी इच्छा-शक्ति चलाए बिना भी सब कुछ अच्छी तरह चलता है, और केवल सुख की बातें पहचानकर केवल कृतज्ञता वाली मनोदशा बन आती है।

तुम लोग अब से और-और जीवन की शक्ति प्रकट कर पाने लगोगे, और बिना रास्ते के रास्ते को बहुत आसानी से खोल पाने लगोगे।

अँधेरी दुनिया पर प्रकाश डालकर लोगों को मार्ग (सत्य) खोजने में मदद कर सकते हो।

तुम लोग अभी जिस ब्रह्मांड-सृजन से जुड़ी प्रज्ञा को याद कर रहे हो, उसे कैसे काम में लाना है, यही आगे तुम लोगों का विषय है।

ठीक है, कर सकते हो।

जितना कठिन समय होगा, उतनी ही अजीब तरह से तुम लोगों के मन की गहराई से प्रज्ञा और साहस उमड़ेगा, और असंभव को संभव बनाने वाले चमत्कार होते जाएँगे।

तुम लोगों का रास्ता रोकने वाला कुछ नहीं।

तुम लोगों की स्मृति पर आधारित आदतन कर्म-विचारों के सिवा।

तुम लोग आगे दुनिया को तूफ़ानी गति से बदलते देखोगे, पर वह सब भी तुम लोगों की चेतना के विकास से जुड़े पृथ्वी के आयामी उत्थान के साथ की क्षणिक प्रक्रिया है।

पृथ्वी के विकास की कथा में, मानवता की सामूहिक चेतना के रूप के अनुसार, बीच में आगे का दिखना कठिन लगने वाला समय आ सकता है, पर अंत में ज़रूर सुखद समापन का समय आएगा, इसलिए सुखांत फ़िल्म देखने के भाव से पूरी तरह निश्चिंत होकर, अडिग मन से आत्म-पूर्णता को साधो। (समाप्त)

 

 

दिव्य मानवता के रूप में जीने का मार्ग

इस ब्लॉग के संदेश, विषय के अनुसार एक पुस्तक-श्रृंखला में फिर से संजोए गए हैं।
यह श्रृंखला एक-एक खंड करके प्रकाशित की जाएगी।

Angelusbell

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वीडियो एक-एक करके जारी किए जाएँगे।

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