Voice of Space Brothers
आत्मा के मूल उद्देश्य को याद करके पृथ्वी पर अपनी यात्रा का सुंदर समापन करें (मध्य भाग)
प्रकाशित: अद्यतन: इसी नाम का पिछला लेख [blogcard url=”https://hi.ascension21.com/voice-of-brothers-437/”] (पिछली बार से जारी) ★हर व्यक्ति का भाग्य और जीवन का अधिकार मनुष्य के पुनर्जन्म के सच में तरह-तरह के ढंग होते हैं, मोटे तौर पर वर्गीकरण करके…
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आत्मा के मूल उद्देश्य को याद करके पृथ्वी पर अपनी यात्रा का सुंदर समापन करें (मध्य भाग)
प्रकाशित: अद्यतन: इसी नाम का पिछला लेख [blogcard url=”https://hi.ascension21.com/voice-of-brothers-437/”] (पिछली बार से जारी) ★हर व्यक्ति का भाग्य और जीवन का अधिकार मनुष्य के पुनर्जन्म के सच में तरह-तरह के ढंग होते हैं, मोटे तौर पर वर्गीकरण करके…
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आत्मा की सच्ची कामना याद करके पृथ्वी पर अपने संचय को पूर्णता दें (पूर्वार्ध)
प्रकाशित: अद्यतन: ★तुम लोगों का मूल स्वरूप और सच्चा मन ब्रह्मांडीय हायरार्की से जुड़ा है मनुष्य के मनुष्य होने का सच्चा कारण है, “ब्रह्मांड की सृजन-ऊर्जा की एक किरण के रूप में, ब्रह्मांड के हृदय द्वारा योजनाबद्ध महान…
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सत्य और स्वयं को एक करें
प्रकाशित: अद्यतन: ★उमड़ते सत्य और विचार, वचन व कर्म को एक करो पृथ्वी के इतना आत्मिक हो चुके आज के समय में, सच्चे सत्य की गूँज को, दूसरे मार्गदर्शकों या नेताओं पर निर्भर हुए बिना, हर एक अपने…
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जैसी है वैसी दिव्यता को प्रकट करने के लिए
प्रकाशित: अद्यतन: ★आत्म-चेतना को अनुशासित करने का महत्व जब सब कुछ समझ लेने जैसा भाव आ जाए, और लापरवाही या अहंकार सिर उठाए, तब थोड़ा रुककर खुद को फिर से देखना अच्छा है। शरीर से चिपके आदत वाले…
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“मिज़ुकारा” और “ओनोज़ुकारा” का एकीकरण (उत्तरार्ध)
प्रकाशित: अद्यतन: इसी नाम का पिछला लेख [blogcard url=”https://hi.ascension21.com/voice-of-brothers-433/”] (पिछली बार से जारी) ★”ओनोज़ुकारा” को ही अपना स्व मानकर जियो ऐसी स्वर्ग की घड़ी पास आ चुकी है, फिर भी आज भी अहं के कहे अनुसार दूसरों…
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“मिज़ुकारा” और “ओनोज़ुकारा” का एकीकरण (पूर्वार्ध)
प्रकाशित: अद्यतन: ★”मिज़ुकारा” और “ओनोज़ुकारा” के बारे में कुछ दिन पहले, “मिज़ुकारा को छोड़कर ओनोज़ुकारा के रूप में जीना” इस परम जीवन-शैली की बात की थी न। उस बात से कुछ लोगों को ठीक से समझ नहीं आया,…
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शब्दों में न समा सकने वाली कृतज्ञता से भरा कोतोदामा
प्रकाशित: अद्यतन: यह लेख पुस्तक «दिन के आरंभ और अंत में» (शृंखला «दिव्य मानवता के रूप में जीने का मार्ग» का खंड 1) में संकलित किया गया है। ब्लॉग के लेखों को सुबह से रात तक के क्रम…
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तारों को पूर्णता तक ले जाती आई ब्रह्मांडीय दिव्य आत्माओं (वांडररों) के नाम (उत्तरार्ध)
प्रकाशित: अद्यतन: इसी नाम का पिछला लेख [blogcard url=”https://hi.ascension21.com/voice-of-brothers-430/”] (पिछली बार से जारी) ★तुम लोग सबसे पुरानी मानवता हो ऐसा दृढ़ता से क्यों कह सकता हूँ, तो इसलिए कि तुम लोगों की ब्रह्मांडीय आयु पृथ्वी पर सबसे…
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तारों को पूर्णता तक ले जाती आई ब्रह्मांडीय दिव्य आत्माओं (वांडररों) के नाम (पूर्वार्ध)
प्रकाशित: अद्यतन: ★इस पूरे वर्ष पर पीछे मुड़कर देखते हुए इस पूरे वर्ष पर पीछे मुड़कर देखो, तो तुम अपने बारे में कुल मिलाकर क्या कहोगे? “बहुत अच्छा किया, कहने को कुछ नहीं”, या “बिल्कुल बेकार साल रहा”,…
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सच्चा ज्ञानी बनने के लिए
प्रकाशित: अद्यतन: ★सत्य और अभिव्यक्ति के अंतर को कम करो जीवन वाला स्व और भौतिक शरीर वाला स्व ठीक-ठीक एक होकर जीने का दिन आने तक, अपना देखा, सुना, छुआ आदि दूसरों को बताते समय, न चाहते हुए…
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जीवन को जीवंत करने वाला जीवन-ढंग अपनाओ
प्रकाशित: अद्यतन: ★जीवन का सत्य ईसाई बाइबल के “लूका रचित सुसमाचार” में ब्रह्मांड के सार्वभौमिक सत्य से जुड़ने वाले शब्द मिलते हैं। “जो कोई अपना प्राण बचाना चाहे वह उसे खोएगा, और जो कोई मेरे लिए अपना प्राण…
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पृथ्वी को मृत तारा न बनने देने के लिए (उत्तरार्ध)
प्रकाशित: अद्यतन: इसी नाम का पिछला लेख [blogcard url=”https://hi.ascension21.com/voice-of-brothers-426″] (पिछली बार से जारी) ★केवल तुम लोगों से हो सकने वाला अनमोल काम हर दिन, हर घंटे, हर मिनट, हर सेकंड पृथ्वी की सुख-शांति और संसार की मानवता…
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पृथ्वी को मृत तारा न बनने देने के लिए (पूर्वार्ध)
प्रकाशित: अद्यतन: ★पृथ्वी को शांत तारा बनाने के लिए अगर सब लोग, जीवन के सार पर लौटकर जी सकें, तो पृथ्वी-लोक क्षण भर में शांत तारा बन जाएगा। ऐसा न कर पाकर, एक कदम आगे एक कदम पीछे…
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अपने आप को छोड़कर, स्वयंभू रूप से जियो
प्रकाशित: अद्यतन: ★जीवन का सत्य ईसाई बाइबल के “लूका रचित सुसमाचार” में ब्रह्मांड के सार्वभौमिक सत्य से जुड़ने वाले शब्द मिलते हैं। “जो कोई अपना प्राण बचाना चाहे वह उसे खोएगा, और जो कोई मेरे लिए अपना प्राण…
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भूख और विचारों का छिपा हुआ संबंध (भाग 2)
प्रकाशित: अद्यतन: यह लेख पुस्तक «दिन के आरंभ और अंत में» (शृंखला «दिव्य मानवता के रूप में जीने का मार्ग» का खंड 1) में संकलित किया गया है। ब्लॉग के लेखों को सुबह से रात तक के क्रम…
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भूख और विचारों का छिपा हुआ संबंध (भाग 1)
प्रकाशित: अद्यतन: यह लेख पुस्तक «दिन के आरंभ और अंत में» (शृंखला «दिव्य मानवता के रूप में जीने का मार्ग» का खंड 1) में संकलित किया गया है। ब्लॉग के लेखों को सुबह से रात तक के क्रम…
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आत्म-चेतना का आयामी उत्थान (उत्तरार्ध)
प्रकाशित: अद्यतन: इसी नाम का पिछला लेख [blogcard url=”https://hi.ascension21.com/voice-of-brothers-421/”] (पिछली बार से जारी) ★बचाव वाले कर्म को थोक में बनाना अब बंद पहली बात पर लौटूँ, तो जब तक “मैं यही हूँ” ऐसा माना हुआ स्व एक…
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आत्म-चेतना का आयामी उत्थान (पूर्वार्ध)
प्रकाशित: अद्यतन: ★ग़लतफ़हमी वाली आत्म-चेतना से आगे बढ़ना मनुष्य अक्सर, स्वयं को केंद्र में रखकर सोचता, विचार करता और कर्म करता है। इसका यह अर्थ नहीं कि यह बुरा है, या हम दोष दे रहे हैं। बस, यह…
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सार्वभौमिक सत्य को समझने का ढंग (उत्तरार्ध)
प्रकाशित: अद्यतन: इसी नाम का पिछला लेख [blogcard url=”https://hi.ascension21.com/voice-of-brothers-419/”] (पिछली बार से जारी) ★नींव मज़बूत करने का महत्व ऐसी कोई चीज़ सीखने की कल्पना करो जो पहले कभी नहीं की। मनमानी व्याख्या करो, या बुनियाद और मूल…
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सत्य को समझने का ढंग (पूर्वार्ध)
प्रकाशित: अद्यतन: ★बेवजह की चिंता और जन्म की पीड़ा आज हम तुम लोगों की चेतना-अवस्था का नियमित निरीक्षण कर रहे थे, तो एक ऐसी अवस्था पर नज़र पड़ी जिस पर अब तक ध्यान नहीं दिया गया था, इसलिए…
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पृथ्वी की मानवता और ब्रह्मांडीय मानवता का अंतर ~ सच्चा असेंशन करने के लिए
प्रकाशित: अद्यतन: ★मूलभूत अंतर आज पृथ्वी की मानवता और ब्रह्मांडीय मानवता के मूलभूत अंतर के बारे में बात करेंगे। शरीर की बनावट का अंतर, स्पंदन का अंतर, तरह-तरह की बातें मन में आती होंगी, लेकिन सबसे बड़ा अंतर…