Voice of Space Brothers
शब्दों में न कहे जा सकने वाले विस्मय की गहराई में-2
प्रकाशित: अद्यतन: आत्म-चिंतन, ध्यान और तोइत्सु (पिछली बार से जारी) उस सच्चे स्व को और प्रबलता से प्रकट करके जीने के लिए, एक और शक्तिशाली साधन है। वह है आत्म-चिंतन, ध्यान और तोइत्सु (एकाकार होना)। इसे करते समय,…
जल
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शब्दों में न कहे जा सकने वाले विस्मय की गहराई में-2
प्रकाशित: अद्यतन: आत्म-चिंतन, ध्यान और तोइत्सु (पिछली बार से जारी) उस सच्चे स्व को और प्रबलता से प्रकट करके जीने के लिए, एक और शक्तिशाली साधन है। वह है आत्म-चिंतन, ध्यान और तोइत्सु (एकाकार होना)। इसे करते समय,…
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निराशा और आशा के बीच झूलने से आगे बढ़ें
प्रकाशित: अद्यतन: पृथ्वी का सामंजस्यपूर्ण तारा बनना और हर व्यक्ति की चेतना का विकास, एक-दूसरे से जुड़े हैं। तुम इस बात का अब स्पष्ट बोध कर चुके हो न। उस चेतना के साथ संसार पर नज़र डालो। पहली…
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युग जाता है, और युग आता है
प्रकाशित: अद्यतन:
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पृथ्वी पर आने का उद्देश्य पूरा करने के लिए
प्रकाशित: अद्यतन: ★पृथ्वी पर आने का उद्देश्य याद करो पृथ्वी के भविष्य की रक्षा करनी है, यह दायित्व-बोध क्यों उमड़ता है, कभी इस बारे में सोचा है? यह हमारे साथियों की विशेषता है, क्योंकि सब बहुत पहले दूसरे…
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मन की शांति स्थापित करें (उत्तरार्ध)
प्रकाशित: अद्यतन: इसी नाम का पिछला लेख [blogcard url=”https://hi.ascension21.com/voice-of-brothers-535/”] (पिछली बार से जारी) ★मानवता बदले तो प्रकृति-जगत और जीव-जगत भी बदलते हैं मानवता द्वारा गंदी की गई और घायल की गई प्रकृति और सारे जीवों को सामान्य…
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दिव्य-आत्मा सभ्यता का द्वार खुलने की सही घड़ी में (पूर्वार्ध)
प्रकाशित: अद्यतन: ★दूर का अस्तित्व रहा परम सत्य पृथ्वी के लोगों के जीवन की पवित्रता प्रकट करके, स्वतंत्र रूप से जीवन की सृजनशीलता प्रकट करते हुए जी सकने की गुप्त विधि यानी IN तुम लोगों को सौंपे जाने…
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हज़ार मील की यात्रा भी एक कदम से
प्रकाशित: अद्यतन: तुम लोगों में कुछ लोग सोचते हैं, “ऐसा जारी रखने से भी कुछ नाटकीय तो होता ही नहीं, इसलिए उबाऊ है, इसलिए जारी नहीं रहता”, लेकिन वास्तव में बिल्कुल उल्टा है। उबाऊ लगने वाली बात को,…
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पृथ्वी को बेहतर तारा बनाने के लिए
प्रकाशित: अद्यतन: ★ज्ञान-दृष्टि को फैलाओ पृथ्वी को बेहतर तारा बनाने के लिए, सारे पृथ्वीवासियों को जिस पर सोचना चाहिए, वह यह तथ्य है कि उनका मिशन, जिस आकाश-धरती में वे हैं, वहाँ पूर्ण सामंजस्य वाला संसार बनाने के…
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अभी जानने योग्य महत्वपूर्ण बात (उत्तरार्ध)
प्रकाशित: अद्यतन: इसी नाम का पिछला लेख [blogcard url=”https://hi.ascension21.com/voice-of-brothers-467/”] (पिछली बार से जारी) ★एक के बाद एक पृथ्वी पर बसने आ रहे तुम लोगों के अनुज अभी पृथ्वी पर, तुम लोगों के अनुज कहे जा सकने वाले…
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अभी जानने योग्य महत्वपूर्ण बात (पूर्वार्ध)
प्रकाशित: अद्यतन: ★सबसे महत्वपूर्ण, सबसे ज़रूरी बात सबसे महत्वपूर्ण बात है, आज की पृथ्वी पर तुम लोगों का होना। तुम लोग शरीर में रहकर धरती पर हो, इसीलिए पृथ्वी को अभी महत्वपूर्ण जगहों पर मज़बूती से सहारा मिल…
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स्पंदन की गहराई में फैले बहुआयामी संसार को समझने के लिए (मध्य भाग)
प्रकाशित: अद्यतन: इसी नाम का पिछला लेख [blogcard url=”https://hi.ascension21.com/voice-of-brothers-450/”] (पिछली बार से जारी) ★पृथ्वी का जन्म अभी हमने कहा था, मनुष्य अपनी चेतना को एक बार हर तारे के सबसे स्थूल स्पंदन वाले संसार में रखकर, वहाँ…
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“मिज़ुकारा” और “ओनोज़ुकारा” का एकीकरण (पूर्वार्ध)
प्रकाशित: अद्यतन: ★”मिज़ुकारा” और “ओनोज़ुकारा” के बारे में कुछ दिन पहले, “मिज़ुकारा को छोड़कर ओनोज़ुकारा के रूप में जीना” इस परम जीवन-शैली की बात की थी न। उस बात से कुछ लोगों को ठीक से समझ नहीं आया,…
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शब्दों में न समा सकने वाली कृतज्ञता से भरा कोतोदामा
प्रकाशित: अद्यतन: यह लेख पुस्तक «दिन के आरंभ और अंत में» (शृंखला «दिव्य मानवता के रूप में जीने का मार्ग» का खंड 1) में संकलित किया गया है। ब्लॉग के लेखों को सुबह से रात तक के क्रम…
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सत्य को समझने का ढंग (पूर्वार्ध)
प्रकाशित: अद्यतन: ★बेवजह की चिंता और जन्म की पीड़ा आज हम तुम लोगों की चेतना-अवस्था का नियमित निरीक्षण कर रहे थे, तो एक ऐसी अवस्था पर नज़र पड़ी जिस पर अब तक ध्यान नहीं दिया गया था, इसलिए…
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प्रार्थना के तरीके के बारे में (भाग 1)
प्रकाशित: अद्यतन: यह लेख पुस्तक «दिन के आरंभ और अंत में» (शृंखला «दिव्य मानवता के रूप में जीने का मार्ग» का खंड 1) में संकलित किया गया है। ब्लॉग के लेखों को सुबह से रात तक के क्रम…
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इस संसार से जुड़े परलोक की शांति को भी साथ-साथ साकार करने के लिए (4/4)
प्रकाशित: अद्यतन: इसी नाम के पिछले लेख [blogcard url=”https://hi.ascension21.com/voice-of-brothers-405/”] [blogcard url=”https://hi.ascension21.com/voice-of-brothers-404/”] [blogcard url=”https://hi.ascension21.com/voice-of-brothers-403/”] (पिछली बार से जारी) ★सबसे महत्वपूर्ण बात ~ उजले, आगे बढ़ने वाले मन से जियो “नहीं-नहीं, मैं तो बस खुद बचने के लिए जी-जान…
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पृथ्वी के भविष्य को चमकाने के लिए (उत्तरार्ध)
प्रकाशित: अद्यतन: इसी नाम का पिछला लेख [blogcard url=”https://hi.ascension21.com/voice-of-brothers-395/”] (पिछली बार से जारी) ★नए मूल्यों के आधार पर यह तथ्य है कि पिछले कुछ सौ वर्षों में पृथ्वी का वातावरण बहुत घायल हुआ है। और वह भी…
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वस्तुओं का जीवन और ब्रह्मांड की दृष्टि (उत्तरार्ध)
प्रकाशित: अद्यतन: इसी नाम के पिछले लेख [blogcard url=”https://hi.ascension21.com/voice-of-brothers-391/”] [blogcard url=”https://hi.ascension21.com/voice-of-brothers-392/”] (पिछली बार से जारी) ★विज्ञान के दुरुपयोग की अंतिम अवस्था से बाहर निकलने के लिए जानने योग्य बात मनुष्य जीवन के सार के प्रति जाग जाए,…
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वस्तुओं का जीवन और ब्रह्मांड की दृष्टि (पूर्वार्ध)
प्रकाशित: अद्यतन: ★वस्तुओं में बसे जीवन को भी स्वीकार करो शायद कभी बताया था, सब वस्तुओं (पदार्थों) में भी जीवन बसा हुआ है। ठीक वैसे ही, जैसे आत्मा बसा हुआ मनुष्य का शरीर जीवित है। “तो फिर जिस…
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मन की आँख के छिलके गिरा दें (उत्तरार्ध)
प्रकाशित: अद्यतन: इसी नाम का पिछला लेख [blogcard url=”https://hi.ascension21.com/voice-of-brothers-389/”] (पिछली बार से जारी) ★और महान चेतना को सतह पर लाने के लिए तो, मन की आँख का आँसू-जल और साफ़ हो जाए, तो चेतना की आँख भौतिक…
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मन की आँख के छिलके उतार फेंकें (पूर्वार्ध)
प्रकाशित: अद्यतन: ★द्वैत वाली पहचान से परे जाओ “नकारात्मक सोच की आदत को सकारात्मक में बदल दो, तो दिव्य चेतना जाग उठती है और खुशहाल जीवन जिया जा सकता है” ऐसा कहा जाता है न। यह बिल्कुल सही…