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तारों के साथ संवाद के युग का द्वार खोलने के लिए

दिव्य मानवता के रूप में जीने का मार्ग

पृथ्वी

Voice of Space Brothers अति-प्रतिक्रिया की आदत से मुक्त होने का तरीका यह लेख पुस्तक «दिन के आरंभ और अंत में» (शृंखला «दिव्य मानवता के रूप में जीने का मार्ग» का खंड 1) में संकलित किया गया है। ब्लॉग के लेखों को सुबह से रात तक के क्रम…
Voice of Space Brothers मन का नवाचार (उत्तरार्ध) ​ इसी नाम के पिछले लेख [blogcard url=”https://hi.ascension21.com/voice-of-brothers-335/”] [blogcard url=”https://hi.ascension21.com/voice-of-brothers-336/”]   (पिछली बार से जारी) ★कर्म की गहराई में छिपे असली सत्य को आलोचना से डरे बिना प्रकट करो वैसे, किसी कंपनी में उत्पाद-विकास जैसे काम…
Voice of Space Brothers मन का नवाचार (मध्य भाग) ​ इसी नाम का पिछला लेख [blogcard url=”https://hi.ascension21.com/voice-of-brothers-335/”]   (पिछली बार से जारी) ★मन-शरीर को जड़ से फिर से बनाओ मनुष्य का जीवन मूल रूप से, हर किसी का, ज़रा भी ज़िद या पूर्वाग्रह के बिना,…
Voice of Space Brothers मन का नवाचार (पूर्वार्ध) ★मन का नवाचार ~ नई दिशाओं से बना क्रांतिकारी जीवन-ढंग मन के भीतर सच्चा नवाचार ला सकते हो या नहीं। यही वह दोराहा है जहाँ तय होता है कि चेतना के विकास का रास्ता खोल पाओगे,…
Voice of Space Brothers दिव्य क्षेत्र के मन को निखारें (उत्तरार्ध) ​ इसी नाम का पिछला लेख [blogcard url=”https://hi.ascension21.com/voice-of-brothers-331/”]   (पिछली बार से जारी) ★गरिमा को दिव्य चरित्र तक आयामी उत्थान देने के लिए तो, मैंने बताया था न कि गरिमा के चरम रूप, सर्वोच्च गरिमा को…
Voice of Space Brothers दिव्य क्षेत्र के मन को निखारकर बाहर लाएँ (पूर्वार्ध) ★दिव्य चेतना और भौतिक शरीर की चेतना को एक करने के लिए जब मनुष्य अपने सच्चे स्व (दिव्य चेतना) से दूर होता है, तो उसकी रोज़ की श्वास अनजाने में उथली हो जाती है। यह सचमुच…
Voice of Space Brothers अनचाहे परिवेश में जीने का ढंग – नौकरीपेशा भाग (उत्तरार्ध) ​ इसी नाम का पिछला लेख [blogcard url=”https://hi.ascension21.com/voice-of-brothers-329/”]   (पिछली बार से जारी) ★अनचाहे परिवेश में सार्वभौमिक सत्य में जड़ जमाया जीवन-ढंग तो अगर तुम अभी ऐसी स्थिति में हो, तो उस स्थिति में तुम्हें किस…
Voice of Space Brothers अनचाहे वातावरण में जीने का ढंग – वेतनभोगी कर्मचारी भाग (पूर्वार्ध) ★अनचाहे वातावरण में ऊपरी तौर पर जीने का ढंग “सच में तो 〇〇 करना ही सही ढंग है, फिर भी सुधार की आवाज़ तक नहीं उठा पाता और सब स्वीकार कर लेता हूँ, मैं कितना कायर…
Voice of Space Brothers तन-मन का सामंजस्य और पृथ्वी का विकास (उत्तरार्ध) ​ इसी नाम के पिछले लेख [blogcard url=”https://hi.ascension21.com/voice-of-brothers-325/”] [blogcard url=”https://hi.ascension21.com/voice-of-brothers-326/”]   (पिछली बार से जारी) ★जीवन के नियम को जानकर उसका सही उपयोग करने के लिए ऐसे सत्य को जानकर चेतना के विकास की ओर उन्मुख…
Voice of Space Brothers मन-शरीर का सामंजस्य और पृथ्वी का विकास (मध्य भाग) ​ इसी नाम का पिछला लेख [blogcard url=”https://hi.ascension21.com/voice-of-brothers-325/”]   (पिछली बार से जारी) ★हायर सेल्फ़ के मार्गदर्शन का ढंग तो, हर एक मनुष्य के साथ उसका अपना निजी हायर सेल्फ़ (संरक्षक देवता और आत्माएँ) रहकर उसकी…
Voice of Space Brothers मन-शरीर का सामंजस्य और पृथ्वी का विकास (पूर्वार्ध) ★मन-शरीर के सामंजस्य और संपूर्ण शांति का संबंध आज सरल ढंग से यह बताएँगे कि व्यक्ति के मन-शरीर का सामंजस्य में आना और पूरे संसार की शांति, आपस में गहराई से, अलग न किए जा सकने…
Voice of Space Brothers खुद से प्रेम करके सार्वभौमिक सत्य को आत्मसात और साकार करने वाला जीवन-ढंग ★खुद से सच्चा प्रेम करने के लिए खुद से सच्चा प्रेम करना, दूसरों से प्रेम करने से भी अधिक महत्वपूर्ण मन की बात है। तुम लोगों के संसार के अनेक धर्म और नैतिक शिक्षाएँ दूसरों का…
Voice of Space Brothers दोष दूसरों पर डालने से आगे निकल चुकी चेतना के साथ जीने के लिए (मध्य भाग) ​ इसी नाम का पिछला लेख [blogcard url=”https://hi.ascension21.com/voice-of-brothers-319/”]   (पिछली बार से जारी) ★प्रार्थना लोगों को भलाई की ओर ले जाने वाली प्रबल ऊर्जा है लेकिन बहुत से आम लोग अपने ही कामों में इतने उलझे…
Voice of Space Brothers जीने के उद्देश्य का आयामी उत्थान (उत्तरार्ध) ​ इसी नाम का पिछला लेख [blogcard url=”https://hi.ascension21.com/voice-of-brothers-314/”]   (पिछली बार से जारी) ★जीने के उद्देश्य का आयामी उत्थान उलटे, अगर तुम्हें छोटे-से आत्म-संतोष में जड़ जमाई बातों में जीने का उद्देश्य महसूस होता रहा हो,…
Voice of Space Brothers जीने के अर्थ का आयामी उत्थान (पूर्वार्ध) ★रोज़ के स्थायी विचारों का ढंग इससे पहचाना जा सकता है कि किस चीज़ में जीने का अर्थ महसूस होता है हर एक व्यक्ति के अंतर पर नज़र डालें, तो किस चीज़ में जीने का अर्थ…
Voice of Space Brothers दिव्यता के पुनर्जागरण की लहर को क्रांतिक द्रव्यमान बिंदु तक ले चलें (उत्तरार्ध) ​ इसी नाम के पिछले लेख [blogcard url=”https://hi.ascension21.com/voice-of-brothers-311/”] [blogcard url=”https://hi.ascension21.com/voice-of-brothers-312/”]   (पिछली बार से जारी) ★पृथ्वी की मानवता की चेतना को जगाने के लिए तुम लोग जन्मे हो वहाँ तक पहुँचाने के लिए भी, दिव्यता के…
Voice of Space Brothers दिव्यता के पुनर्जागरण की लहर को क्रांतिक द्रव्यमान बिंदु तक ले चलें (मध्य भाग) ​ इसी नाम का पिछला लेख [blogcard url=”https://hi.ascension21.com/voice-of-brothers-311/”]   (पिछली बार से जारी) ★दिव्यता के पुनर्जागरण की लहर को क्रांतिक द्रव्यमान बिंदु तक ले जाने के लिए मानवता के एक-एक व्यक्ति को उस अवस्था तक ले…
Voice of Space Brothers दिव्यता के पुनर्जागरण की लहर को क्रांतिक द्रव्यमान बिंदु तक ले चलें (पूर्वार्ध) ★तुम लोगों द्वारा रचा गया दिव्यता के पुनर्जागरण का ज्वार-मोड़ तुम लोगों के अभी पृथ्वी पर होने से, पृथ्वी की कितनी मानवता का उद्धार हो रहा है, यह जानते हो? पृथ्वी-लोक में चेतना के विकास की…
Voice of Space Brothers तीसरे आयाम की यात्रा के अंतिम चरण में (उत्तरार्ध) ​ इसी नाम का पिछला लेख [blogcard url=”https://hi.ascension21.com/voice-of-brothers-309/”]   (पिछली बार से जारी) ★और भी विशाल जीवन के महान स्व के साथ एक होने के लिए उस समय, स्वयं को विशाल महासागर मानकर कल्पना करते हुए…
Voice of Space Brothers त्रि-आयामी यात्रा के अंतिम चरण में (पूर्वार्ध) ★अचानक आई स्थिति में मन को सँभालने का तरीका पुरानी सभ्यता का इतिहास समाप्त होने से ठीक पहले, पुरानी विचार-आदतों को मूल दिव्य चेतना में बदलने के लिए, कुछ लोगों के मामले में हायर सेल्फ़ शरीर…
Voice of Space Brothers ऐसे युग का द्वार खोलने के लिए जिसमें हर कोई अपनी विशेषता को जीवंत करके जिए ★अपनी विशेषता को जीवंत करके जियो तो हर मनुष्य में, अपनी-अपनी, अद्वितीय “विशेषता” होती है। जिसकी कोई नकल नहीं कर सकता, जो किसी से उधार ली हुई नहीं, ऐसी अनोखी, विशिष्ट खूबी। मनुष्य अभी जिस परिवेश…