सामग्री पर जाएँ

तारों के साथ संवाद के युग का द्वार खोलने के लिए

दिव्य मानवता के रूप में जीने का मार्ग

कर्म

Voice of Space Brothers जीवन के घटक ~ अवैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखी गई बात (पूर्वार्ध) ★जीवन के घटक तुम्हें क्या लगता है, जीवन किन घटकों से बना है? हाँ, हाँ। हा हा……। इतने कठिन शब्दों की ज़रूरत नहीं। दिमाग़ पर ज़ोर डालकर सोचने की ज़रूरत नहीं। हम्म? हाँ, प्रेम। जीवन में…
Voice of Space Brothers पृथ्वी के भविष्य को चमकाने के लिए (पूर्वार्ध) ★पर्यावरण की समस्या और पृथ्वी का भविष्य पृथ्वी को ऐसे ही छोड़ दिया जाए तो क्या होगा, इसकी चिंता बहुत से लोग कर रहे हैं न। लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं जिनकी नज़र अभी इस…
Voice of Space Brothers मन की आँख के छिलके गिरा दें (उत्तरार्ध) ​ इसी नाम का पिछला लेख [blogcard url=”https://hi.ascension21.com/voice-of-brothers-389/”] (पिछली बार से जारी) ★और महान चेतना को सतह पर लाने के लिए तो, मन की आँख का आँसू-जल और साफ़ हो जाए, तो चेतना की आँख भौतिक…
Voice of Space Brothers मन की आँख के छिलके उतार फेंकें (पूर्वार्ध) ★द्वैत वाली पहचान से परे जाओ “नकारात्मक सोच की आदत को सकारात्मक में बदल दो, तो दिव्य चेतना जाग उठती है और खुशहाल जीवन जिया जा सकता है” ऐसा कहा जाता है न। यह बिल्कुल सही…
Voice of Space Brothers व्यक्ति की खुशी और पृथ्वी का विकास (उत्तरार्ध) ​ इसी नाम का पिछला लेख [blogcard url=”https://hi.ascension21.com/voice-of-brothers-385/”] (पिछली बार से जारी) ★समग्र से सीधे जुड़ा व्यक्ति का चेतना-संचालन पृथ्वी जब महत्वपूर्ण मोड़ पर है ऐसे आज, “मुझ अकेले के मनमाने ढंग से जीने से, पृथ्वी…
Voice of Space Brothers खुशी का सिद्धांत (4/4) ​ इसी नाम के पिछले लेख [blogcard url=”https://hi.ascension21.com/voice-of-brothers-381/”] [blogcard url=”https://hi.ascension21.com/voice-of-brothers-382/”] [blogcard url=”https://hi.ascension21.com/voice-of-brothers-383/”]   (पिछली बार से जारी) ★कृतज्ञता की प्रार्थना का महत्व ऐसा क्यों कहता हूँ, तो इसलिए कि अगर चेतना की जड़ में अपने जीवन…
Voice of Space Brothers खुशी का सिद्धांत (3/4) ​ इसी नाम के पिछले लेख [blogcard url=”https://hi.ascension21.com/voice-of-brothers-381/”] [blogcard url=”https://hi.ascension21.com/voice-of-brothers-382/”]   (पिछली बार से जारी) ★कृतज्ञता प्रकाश है अब तक की पृथ्वी की मानवता ने, जीवन की उस शक्ति को स्वीकार नहीं किया, इसलिए दूसरों को…
Voice of Space Brothers खुशी का सिद्धांत (1/4) ★खुश होने के लिए खुश होने का मूल सिद्धांत है, इस स्थिति को पहचानना कि मूल रूप से हर कोई सामंजस्य में और खुश था, फिर भी उसे भूल चुके व्यक्तिगत स्व के विचारों से “मैं…
Voice of Space Brothers तुम लोग परम सत्य को जीने वाली दिव्य ब्रह्मांडीय मानवता हो ★क्या तुम जागे हुए (जीवित) हो? सब लोग जागकर जीवन बिताते समय सोचते हैं, “मैं अभी जागा हुआ (जीवित) हूँ”, है न। यह वह अवस्था है जिसमें व्यक्ति को अपने चेतन होने का बोध है, लेकिन…
Voice of Space Brothers चेतना को सँभालने में परेशानी हो तब खोलने वाली बात (2/4) ​ इसी नाम का पिछला लेख [blogcard url=”https://hi.ascension21.com/voice-of-brothers-370/”]   (पिछली बार से जारी) ★ब्रह्मांडीय चेतना से जीने के लिए कल्पना-अभ्यास तो, तुम उस प्रकाश (सच्चे स्व) के वास्तविक स्वरूप को भौतिक शरीर की धारणा वाली चेतना…
Voice of Space Brothers अपने ही हृदय को चोट पहुँचाने की आदत से मुक्त होने के लिए (भाग 1) यह लेख पुस्तक «दिन के आरंभ और अंत में» (शृंखला «दिव्य मानवता के रूप में जीने का मार्ग» का खंड 1) में संकलित किया गया है। ब्लॉग के लेखों को सुबह से रात तक के क्रम…
Voice of Space Brothers महान सामंजस्य वाले संसार की पूर्णता की ओर (पूर्वार्ध) ★महान सामंजस्य वाला संसार बनाने के लिए बस मेरा भला हो, बस मेरे परिवार का भला हो, बस मेरे संगठन का भला हो, बस मेरे रहने वाले स्थानीय क्षेत्र का भला हो, बस मेरे देश का…
Voice of Space Brothers बचे हुए 4 महीने पार करें ~ आधुनिक नूह की नाव पर सवार होकर सब जीवित प्राणियों और पूरी प्रकृति के उद्धार के लिए (उत्तरार्ध) ​ इसी नाम के पिछले लेख [blogcard url=”https://hi.ascension21.com/voice-of-brothers-358/”] [blogcard url=”https://hi.ascension21.com/voice-of-brothers-359/”]   (पिछली बार से जारी) ★इच्छा के अनुसार नहीं, पर सोच के अनुसार बने यथार्थ की दिशा सुधारने के लिए आज के संसार को देखकर, शरीर…
Voice of Space Brothers बचे हुए 4 महीने पार करें ~ आधुनिक नूह की नाव पर सवार होकर सारे जीवों और पूरी प्रकृति के उद्धार के लिए (मध्य भाग) ​ इसी नाम का पिछला लेख [blogcard url=”https://hi.ascension21.com/voice-of-brothers-358/”]   (पिछली बार से जारी) ★प्रकृति-जगत और मानवता को जीवन का प्रकाश बाँटें पिछले कुछ दशक भी उथल-पुथल का समय थे, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में पृथ्वी उससे…
Voice of Space Brothers बाक़ी 4 महीने पार कर लें ~ आधुनिक नूह की नौका पर सवार होकर सभी जीवों और पूरी प्रकृति के उद्धार के लिए (पूर्वार्ध) ★आधुनिक नूह की नौका बनने वाली चेतना को जियो संसार कैसे भी बदलता जाए, “हर बार कपड़े बदलने की तरह बदलने की ज़रूरत न रखने वाली सामान्य धारणा और स्वाभाविक मान्यता”, “चलन और फ़ैशन के आने-जाने…
Voice of Space Brothers पूर्वज-आत्माएँ और शारीरिक मन (पूर्वार्ध) ★पूर्वजों के होने से ही जीवन है ओबोन (पूर्वजों की आत्माओं को याद करने का पर्व) का समय है इसलिए नहीं, पर आज तुम्हारे पूर्वजों और तुम्हारे पिछले जन्मों वाली पूर्वज-आत्माओं और तुम लोगों के बीच…
Voice of Space Brothers अति-प्रतिक्रिया की आदत से मुक्त होने का तरीका यह लेख पुस्तक «दिन के आरंभ और अंत में» (शृंखला «दिव्य मानवता के रूप में जीने का मार्ग» का खंड 1) में संकलित किया गया है। ब्लॉग के लेखों को सुबह से रात तक के क्रम…
Voice of Space Brothers मन का नवाचार (उत्तरार्ध) ​ इसी नाम के पिछले लेख [blogcard url=”https://hi.ascension21.com/voice-of-brothers-335/”] [blogcard url=”https://hi.ascension21.com/voice-of-brothers-336/”]   (पिछली बार से जारी) ★कर्म की गहराई में छिपे असली सत्य को आलोचना से डरे बिना प्रकट करो वैसे, किसी कंपनी में उत्पाद-विकास जैसे काम…
Voice of Space Brothers मन का नवाचार (मध्य भाग) ​ इसी नाम का पिछला लेख [blogcard url=”https://hi.ascension21.com/voice-of-brothers-335/”]   (पिछली बार से जारी) ★मन-शरीर को जड़ से फिर से बनाओ मनुष्य का जीवन मूल रूप से, हर किसी का, ज़रा भी ज़िद या पूर्वाग्रह के बिना,…
Voice of Space Brothers दिव्य क्षेत्र के मन को निखारें (उत्तरार्ध) ​ इसी नाम का पिछला लेख [blogcard url=”https://hi.ascension21.com/voice-of-brothers-331/”]   (पिछली बार से जारी) ★गरिमा को दिव्य चरित्र तक आयामी उत्थान देने के लिए तो, मैंने बताया था न कि गरिमा के चरम रूप, सर्वोच्च गरिमा को…
Voice of Space Brothers परोपकार का सही मन कैसा हो (मध्य भाग) ​ इसी नाम का पिछला लेख [blogcard url=”https://hi.ascension21.com/voice-of-brothers-316/”]   (पिछली बार से जारी) ★अपने से प्रेम करने और अपना स्नेह से ध्यान रखने वाले व्यक्ति का ढंग उस बात को गलत समझकर व्यवहार में लाने से…