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तारों के साथ संवाद के युग का द्वार खोलने के लिए

दिव्य मानवता के रूप में जीने का मार्ग

प्रेम

Voice of Space Brothers खारे-मीठे पानी के संगम के युग की स्थिति और जीवन-ढंग (उत्तरार्ध) (पिछली बार से जारी) ★खारे-मीठे पानी के संगम के युग के जीवन-ढंग के बारे में शुरू की मछलियों की बात पर लौटकर कहें, तो समुद्र और नदी दोनों में जी सकने वाली मछलियाँ, संगम-क्षेत्र में परासरण-दाब…
Voice of Space Brothers खारे-मीठे पानी के संगम के युग की स्थिति और जीवन-ढंग (पूर्वार्ध) ★खारे-मीठे पानी के संगम में परासरण-दाब का समायोजन और आज का स्पंदन-समायोजन सामन जैसी कुछ मछलियाँ मीठे पानी में भी और समुद्री पानी में भी, दोनों जल-क्षेत्रों में जी सकती हैं, है न। पृथ्वी का आत्मिकीकरण…
Voice of Space Brothers मन प्रधान है और शरीर अनुगामी, इस बारे में ★शरीर में होने वाले बदलाव असेंशन का मुख्य तना नहीं हैं लगता है कुछ लोग “असेंशन करना चाहता हूँ” या “असेंशन कर लिया” को शरीर में होने वाले बदलावों को प्रधान मानकर सोचते हैं, पर सच्चा…
Voice of Space Brothers चेतना के विकास का सही रूप (2) (पिछली बार से जारी) ★चेतना के विकास की ओर बढ़ने वाले व्यक्ति की चेतना का सही रूप यहाँ, चेतना के विकास की ओर बढ़ने वाले व्यक्ति की चेतना का सही रूप क्या है, इस पर थोड़ा…
Voice of Space Brothers सच्ची शक्ति (पूर्वार्ध) ★द्वैत के टकराव की दुनिया में ठहरा हुआ व्यक्ति जो व्यक्ति मुँह खोलते ही दूसरों की आलोचना, निंदा और मनमाने मूल्यांकन में लगा रहता है, उसे द्वैत के टकराव वाली ऊँच-नीच की होड़ में मूल्य देखने…
Voice of Space Brothers अपराध को धरती से मिटाते जाने के लिए (उत्तरार्ध) (पिछली बार से जारी) ★ऐसी दुनिया बनाने के लिए जहाँ कोई भी हत्या में कोई मूल्य न देखे तो, आज की समस्या की जड़ को देखते चलें, तो शुरू में बताए गए मन के रोग (अँधेरे)…
Voice of Space Brothers अडिग प्रकाश-चेतना की स्थापना करो (उत्तरार्ध) (पिछली बार से जारी) ★न जागी मानवता का सहयोग करो जो लोग अभी दिव्य क्षेत्र की चेतना के प्रति नहीं जागे, वे अस्थायी रूप से ही सही, दुनिया भर में सतह पर आने वाली तरह-तरह की…
Voice of Space Brothers ब्रह्मांड के मूल स्रोत की सृजन-ऊर्जा से चेतना की आवृत्ति मिलाओ ★ब्रह्मांड के मूल स्रोत की सृजन-ऊर्जा से चेतना की आवृत्ति मिलाओ अचानक ही सही, आज ब्रह्मांड के मूल स्रोत की गूँज से चेतना की आवृत्ति मिलाकर जीवन की सबसे गहरी तह के जितना हो सके करीब…
Voice of Space Brothers सत्य और पृथ्वी की मानवता के एकीकरण की ओर ★अनुभव (अभ्यास) के बिना सत्य “काग़ज़ पर बना पकवान” है मान लो कोई सत्य के प्रति जागा और उसे अपनाने के लिए किसी साधन से उसे सीखा। लेकिन अगर उस व्यक्ति की मनोदशा “अनुभव-रहित सीख” से…
Voice of Space Brothers जुड़ाव के बारे में ★मनुष्य जुड़ाव के बीच जीता है मनुष्य मूल रूप से तरह-तरह के अस्तित्वों से जुड़कर प्राण बनाए रखने वाला जीव है। किसी चीज़ या किसी से जुड़े बिना, प्राण बनाए रखने के लिए ज़रूरी हर तत्व…
Voice of Space Brothers मनुष्य को मूल रूप से बदलने वाली चीज़ ★आत्मा के स्वावलंबन को बढ़ावा देने के लिए दूसरों की नहीं, अपनी बात मानकर आत्मा के स्वावलंबन को सक्रिय और स्वतःस्फूर्त रूप से बढ़ावा देने के लिए एक सत्य है जिसे चेतना-विकास की ओर बढ़ने वाला…
Voice of Space Brothers मन की नमी और असेंशन ★कृतज्ञता प्रकाश है, जीवन है, नमी (जल) है कृतज्ञता प्रकाश का स्पंदन है। और वह हर धरती-आकाश को बनाने वाली प्रकृति और विविध जीवों में मौजूद जल भी है, और मनुष्य के मन को सींचने वाली…
Voice of Space Brothers जीवन बदल देने वाला रात को सोने से पहले के समय का उपयोग यह लेख पुस्तक «दिन के आरंभ और अंत में» (शृंखला «दिव्य मानवता के रूप में जीने का मार्ग» का खंड 1) में संकलित किया गया है। ब्लॉग के लेखों को सुबह से रात तक के क्रम…
Voice of Space Brothers एक-दूसरे की दृष्टि का सम्मान करते हुए सामंजस्य में एकीकृत होने के लिए ★पहले, जितने लोग उतनी दुनियाओं (पहचान, मूल्यों आदि) को एक-दूसरे में स्वीकार करो पृथ्वी के लोगों में अक्सर दिखने वाली गलतफ़हमी यह है कि वे अपने-आप तय कर लेते हैं, “जो दुनिया मैं देख रहा हूँ,…
Voice of Space Brothers खुद को बदलने का गुर ★खुशी क्या है? “खुश होना चाहता हूँ,” यह हर कोई चाहता है। फिर भी जिस खुशी को सब चाहते हैं, उसका अर्थ हर व्यक्ति के लिए अलग है। अलग क्यों? क्योंकि जीवन में महसूस होने वाले…
Voice of Space Brothers भावों का स्पर्श और हर्ष-क्रोध-शोक-आनंद की गहराई ★भावों के स्पर्श के बारे में क्या तुम समझ सकते हो कि भावों में “स्पर्श का अंतर” होता है? ज़रा आँखें बंद करके कल्पना करो। हाँ, ठीक है। अभी तुमसे यह भाव आया, “शायद कर्म और…
Voice of Space Brothers पशुओं और मानवता के संबंध पर ★पशुओं और मानवता का संबंध आज पशुओं और मानवता के संबंध पर नज़र डालते हैं। यह तो तुम समझते हो कि पशु और मनुष्य अलग हैं। लेकिन ठोस रूप से वे कैसे अलग हैं, इसे पृथ्वी…