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तारों के साथ संवाद के युग का द्वार खोलने के लिए

दिव्य मानवता के रूप में जीने का मार्ग

सार्वभौमिक सत्य

Voice of Space Brothers मन की आँख के छिलके गिरा दें (उत्तरार्ध) ​ इसी नाम का पिछला लेख [blogcard url=”https://hi.ascension21.com/voice-of-brothers-389/”] (पिछली बार से जारी) ★और महान चेतना को सतह पर लाने के लिए तो, मन की आँख का आँसू-जल और साफ़ हो जाए, तो चेतना की आँख भौतिक…
Voice of Space Brothers खुशी का सिद्धांत (3/4) ​ इसी नाम के पिछले लेख [blogcard url=”https://hi.ascension21.com/voice-of-brothers-381/”] [blogcard url=”https://hi.ascension21.com/voice-of-brothers-382/”]   (पिछली बार से जारी) ★कृतज्ञता प्रकाश है अब तक की पृथ्वी की मानवता ने, जीवन की उस शक्ति को स्वीकार नहीं किया, इसलिए दूसरों को…
Voice of Space Brothers खुशी का सिद्धांत (1/4) ★खुश होने के लिए खुश होने का मूल सिद्धांत है, इस स्थिति को पहचानना कि मूल रूप से हर कोई सामंजस्य में और खुश था, फिर भी उसे भूल चुके व्यक्तिगत स्व के विचारों से “मैं…
Voice of Space Brothers तुम लोग परम सत्य को जीने वाली दिव्य ब्रह्मांडीय मानवता हो ★क्या तुम जागे हुए (जीवित) हो? सब लोग जागकर जीवन बिताते समय सोचते हैं, “मैं अभी जागा हुआ (जीवित) हूँ”, है न। यह वह अवस्था है जिसमें व्यक्ति को अपने चेतन होने का बोध है, लेकिन…
Voice of Space Brothers चेतना को सँभालने में कठिनाई हो तब खोलकर पढ़ने वाली बात (3/4) ​ इसी नाम के पिछले लेख [blogcard url=”https://hi.ascension21.com/voice-of-brothers-370/”] [blogcard url=”https://hi.ascension21.com/voice-of-brothers-371/”]   (पिछली बार से जारी) ★सब कुछ भीतर के ब्रह्मांड का ही प्रकटीकरण था “दुकान के पर्दे को धक्का देना” जैसी एक जापानी कहावत है न,…
Voice of Space Brothers जब चेतना सँभालना कठिन लगे, तब खोलकर पढ़ने वाली बात (1/4) ★जीवन के मूल स्वरूप की ओर मन ले जाओ “कितना बुरा लगता है” ऐसे लगने वाले दूसरों के वचन और कर्म से विचार डगमगा जाते हैं, और “हाय, मैं कितना बेकार हूँ। ऐसा नहीं चलेगा, नहीं…
Voice of Space Brothers सृजन और विकास की प्रक्रिया के बीच (उत्तरार्ध) ​ इसी नाम का पिछला लेख [blogcard url=”https://hi.ascension21.com/voice-of-brothers-368/”]   (पिछली बार से जारी) ★बीमारी के बारे में चेतना का उपयोग कैसे करें तो, विचारों के उपयोग का यह ढंग बीमारी ठीक करने जैसी बातों में भी…
Voice of Space Brothers सृजन और विकास की प्रक्रिया के बीच (पूर्वार्ध) ★आगे की ओर देखने वाली भावना से जीना जो अपने मन-शरीर को चमचमाता निखारकर, भीतर की आध्यात्मिकता को गहरा करते जाने के हर काम में परम आनंद महसूस कर सकने वाली जीवन-शैली जीता है, वह खुश…
Voice of Space Brothers अपने ही हृदय को चोट पहुँचाने की आदत से मुक्त होने के लिए (भाग 2) यह लेख पुस्तक «दिन के आरंभ और अंत में» (शृंखला «दिव्य मानवता के रूप में जीने का मार्ग» का खंड 1) में संकलित किया गया है। ब्लॉग के लेखों को सुबह से रात तक के क्रम…
Voice of Space Brothers मन-शरीर को दिव्य क्षेत्र के स्पंदन का अभ्यस्त बनाने के लिए (उत्तरार्ध) ​ इसी नाम का पिछला लेख [blogcard url=”https://hi.ascension21.com/voice-of-brothers-361/”]   (पिछली बार से जारी) ★सतह पर आए अँधेरे को बाहर नहीं, मन के भीतर देखकर ऊपर उठाओ तो, ब्रह्मांड-जगत के सारे आकाश और धरती, सबसे सूक्ष्म मन…
Voice of Space Brothers तन-मन को दिव्य क्षेत्र के स्पंदन का अभ्यस्त बनाने के लिए (पूर्वार्ध) ★नकारात्मक शब्दों को मृत शब्द बनाने के लिए “मार डालना (मार डालूँगा, मार डालना चाहता हूँ)” के अर्थ वाले शब्द को, जन्म से आज तक कभी अपनी इच्छा भरकर शब्द के रूप में न कहने वाले…
Voice of Space Brothers बचे हुए 4 महीने पार करें ~ आधुनिक नूह की नाव पर सवार होकर सब जीवित प्राणियों और पूरी प्रकृति के उद्धार के लिए (उत्तरार्ध) ​ इसी नाम के पिछले लेख [blogcard url=”https://hi.ascension21.com/voice-of-brothers-358/”] [blogcard url=”https://hi.ascension21.com/voice-of-brothers-359/”]   (पिछली बार से जारी) ★इच्छा के अनुसार नहीं, पर सोच के अनुसार बने यथार्थ की दिशा सुधारने के लिए आज के संसार को देखकर, शरीर…
Voice of Space Brothers बचे हुए 4 महीने पार करें ~ आधुनिक नूह की नाव पर सवार होकर सारे जीवों और पूरी प्रकृति के उद्धार के लिए (मध्य भाग) ​ इसी नाम का पिछला लेख [blogcard url=”https://hi.ascension21.com/voice-of-brothers-358/”]   (पिछली बार से जारी) ★प्रकृति-जगत और मानवता को जीवन का प्रकाश बाँटें पिछले कुछ दशक भी उथल-पुथल का समय थे, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में पृथ्वी उससे…
Voice of Space Brothers बाक़ी 4 महीने पार कर लें ~ आधुनिक नूह की नौका पर सवार होकर सभी जीवों और पूरी प्रकृति के उद्धार के लिए (पूर्वार्ध) ★आधुनिक नूह की नौका बनने वाली चेतना को जियो संसार कैसे भी बदलता जाए, “हर बार कपड़े बदलने की तरह बदलने की ज़रूरत न रखने वाली सामान्य धारणा और स्वाभाविक मान्यता”, “चलन और फ़ैशन के आने-जाने…
Voice of Space Brothers सच्ची धार्मिक भावना का पोषण करो (उत्तरार्ध) ​ इसी नाम के पिछले लेख [blogcard url=”https://hi.ascension21.com/voice-of-brothers-355/”] [blogcard url=”https://hi.ascension21.com/voice-of-brothers-356/”]   (पिछली बार से जारी) ★हर कोई अपना ही गुरु है मनुष्य में मूल रूप से, सच्ची धार्मिक भावना जितनी फिर से जागती है, उतना ही…
Voice of Space Brothers सच्चा धार्मिक मन विकसित करें (मध्य भाग) ​ इसी नाम का पिछला लेख [blogcard url=”https://hi.ascension21.com/voice-of-brothers-355/”]   (पिछली बार से जारी) ★सच्चा संत कौन है तेज़ी से बदलते समय में, भटकने वाले लोगों के मन को आशा का उजाला देने वाले केवल पदवी वाले…
Voice of Space Brothers सच्चे धार्मिक मन का पोषण करें (पूर्वार्ध) ★धार्मिक मन क्या है आज बात करेंगे कि सच्चा धार्मिक मन कैसा होता है, और उसका असेंशन (आयामी उत्थान) से क्या संबंध है। संसार में बहुत से धार्मिक संगठन हैं, और उनसे जुड़कर जीने वाले लोग…
Voice of Space Brothers दिव्यता के पुनर्जागरण का बोध पाने के लिए ★आयामों में उलझे बिना, भीतर समाए सब आयामों को ऊपर से देखो पृथ्वी के भौतिक मनुष्यों की चेतना जब तक आसक्तियों को अभी से और अधिक छोड़कर, बाधाहीन स्वतंत्र मन की अवस्था तक न पहुँच जाए,…
Voice of Space Brothers चेतना के आयाम के बारे में (मध्य भाग) ​ इसी नाम का पिछला लेख [blogcard url=”https://hi.ascension21.com/voice-of-brothers-351/”]   (पिछली बार से जारी) ★निचले आयाम के संसारों की वर्तमान स्थिति तो वास्तविक पक्ष की बात करें तो, तुम लोगों की पाँच इंद्रियों की संवेदनशीलता मंद पड़…
Voice of Space Brothers कल्पना का आयामी उत्थान (पूर्वार्ध) ★जिसकी कल्पना की जा सकती है, उसे साकार किया जा सकता है सत्य के वचन केवल ऊँचे आयाम के संसारों में ही हों, ऐसा ज़रूरी नहीं। धरती पर नज़र डालो तो, पूर्वजों के पहले ही उतार…
Voice of Space Brothers भोजन के अर्थ का आयामी उत्थान करने के लिए (भाग 1) यह लेख पुस्तक «दिन के आरंभ और अंत में» (शृंखला «दिव्य मानवता के रूप में जीने का मार्ग» का खंड 1) में संकलित किया गया है। ब्लॉग के लेखों को सुबह से रात तक के क्रम…