सामग्री पर जाएँ

तारों के साथ संवाद के युग का द्वार खोलने के लिए

दिव्य मानवता के रूप में जीने का मार्ग

सृजन

Voice of Space Brothers जीवन के तत्व ~ अवैज्ञानिक दृष्टि से देखी गई बात (उत्तरार्ध) ​ इसी नाम का पिछला लेख [blogcard url=”https://hi.ascension21.com/voice-of-brothers-401/”] (पिछली बार से जारी) ★प्रेम से सुर मिलाकर जीने का तरीका उस रूप को बाहर से देखो, तो पहली नज़र में वह ऐसा व्यक्ति लग सकता है जो…
Voice of Space Brothers जीवन के घटक ~ अवैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखी गई बात (पूर्वार्ध) ★जीवन के घटक तुम्हें क्या लगता है, जीवन किन घटकों से बना है? हाँ, हाँ। हा हा……। इतने कठिन शब्दों की ज़रूरत नहीं। दिमाग़ पर ज़ोर डालकर सोचने की ज़रूरत नहीं। हम्म? हाँ, प्रेम। जीवन में…
Voice of Space Brothers चेतना के जान-बूझकर उपयोग के बारे में (उत्तरार्ध) ​ इसी नाम का पिछला लेख [blogcard url=”https://hi.ascension21.com/voice-of-brothers-399/”] (पिछली बार से जारी) ★चेतना का सूक्ष्म होना ही भौतिक स्पंदन को भी आत्मिक बनाने की कुंजी है तो, आज इस युग में पृथ्वी के सब लोग दिव्यता…
Voice of Space Brothers मानसिक रोग का असली कारण और सच्चा समाधान स्थापित होने तक सँभालने का तरीका (उत्तरार्ध) ​ इसी नाम का पिछला लेख [blogcard url=”https://hi.ascension21.com/voice-of-brothers-397/”] (पिछली बार से जारी) ★मानसिक रोग को जड़ से ठीक करने का तरीका सबसे पहले बताए गए मानसिक रोग आदि के उपचार के बारे में, जब हमारे संसार…
Voice of Space Brothers पृथ्वी के भविष्य को चमकाने के लिए (पूर्वार्ध) ★पर्यावरण की समस्या और पृथ्वी का भविष्य पृथ्वी को ऐसे ही छोड़ दिया जाए तो क्या होगा, इसकी चिंता बहुत से लोग कर रहे हैं न। लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं जिनकी नज़र अभी इस…
Voice of Space Brothers जीवन की लौ और आदर्श का आयामी उत्थान ★जीवन की लौ जलाकर जियो जीवन की लौ जलाकर जियो। इसका अर्थ न तो यह है कि मुश्किल में घिरकर आख़िरी ताक़त झोंककर जियो, न यह कि भरपूर जोश जलाकर अति-सकारात्मक ढंग से जियो। और यह…
Voice of Space Brothers मन की आँख के छिलके गिरा दें (उत्तरार्ध) ​ इसी नाम का पिछला लेख [blogcard url=”https://hi.ascension21.com/voice-of-brothers-389/”] (पिछली बार से जारी) ★और महान चेतना को सतह पर लाने के लिए तो, मन की आँख का आँसू-जल और साफ़ हो जाए, तो चेतना की आँख भौतिक…
Voice of Space Brothers मन की आँख के छिलके उतार फेंकें (पूर्वार्ध) ★द्वैत वाली पहचान से परे जाओ “नकारात्मक सोच की आदत को सकारात्मक में बदल दो, तो दिव्य चेतना जाग उठती है और खुशहाल जीवन जिया जा सकता है” ऐसा कहा जाता है न। यह बिल्कुल सही…
Voice of Space Brothers हर कोई अपने भाग्य का सृष्टिकर्ता है (उत्तरार्ध) (पिछली बार से जारी) ★दिव्यता के पुनर्जागरण को आगे बढ़ाने के लिए हम अभी चाहते हैं कि एक भी अधिक व्यक्ति जीवन का सत्य जाने। ज़बरदस्ती करने या थोपने का हमारा कोई इरादा नहीं, लेकिन असली…
Voice of Space Brothers हर व्यक्ति अपनी नियति का रचयिता है (पूर्वार्ध) ★आत्मा को आत्मनिर्भर बनाने के लिए जान लेने योग्य बात आज आत्मा को सच में आत्मनिर्भर बनाने के लिए, न छोड़ी जा सकने वाली ज़रूरी जानकारी के बारे में फिर से बात करते हैं। ठीक है?…
Voice of Space Brothers स्पंदन-समायोजन के युग में (उत्तरार्ध) ​ इसी नाम के पिछले लेख [blogcard url=”https://hi.ascension21.com/voice-of-brothers-374/”] [blogcard url=”https://hi.ascension21.com/voice-of-brothers-375/”]   (पिछली बार से जारी) ★आत्मिकीकरण की धारा पर सवार होने का तरीका और अभी संसार में दिखने वाले, बिगड़ते हुए लगने वाले सब परिस्थितियों के…
Voice of Space Brothers स्पंदन-समायोजन के युग में (पूर्वार्ध) ★नए युग के स्पंदन-क्षेत्र में ढलने के लिए स्पंदन-समायोजन भौतिक शरीर वैसे ही इस लोक में रहते हुए, जिनकी चेतना पहले ही खारे-मीठे पानी के संगम को पार करके, जीवन के विशाल महासागर की ओर यात्रा…
Voice of Space Brothers चेतना को सँभालने में कठिनाई हो तब खोलकर पढ़ने वाली बात (3/4) ​ इसी नाम के पिछले लेख [blogcard url=”https://hi.ascension21.com/voice-of-brothers-370/”] [blogcard url=”https://hi.ascension21.com/voice-of-brothers-371/”]   (पिछली बार से जारी) ★सब कुछ भीतर के ब्रह्मांड का ही प्रकटीकरण था “दुकान के पर्दे को धक्का देना” जैसी एक जापानी कहावत है न,…
Voice of Space Brothers चेतना को सँभालने में परेशानी हो तब खोलने वाली बात (2/4) ​ इसी नाम का पिछला लेख [blogcard url=”https://hi.ascension21.com/voice-of-brothers-370/”]   (पिछली बार से जारी) ★ब्रह्मांडीय चेतना से जीने के लिए कल्पना-अभ्यास तो, तुम उस प्रकाश (सच्चे स्व) के वास्तविक स्वरूप को भौतिक शरीर की धारणा वाली चेतना…
Voice of Space Brothers सृजन और विकास की प्रक्रिया के बीच (उत्तरार्ध) ​ इसी नाम का पिछला लेख [blogcard url=”https://hi.ascension21.com/voice-of-brothers-368/”]   (पिछली बार से जारी) ★बीमारी के बारे में चेतना का उपयोग कैसे करें तो, विचारों के उपयोग का यह ढंग बीमारी ठीक करने जैसी बातों में भी…
Voice of Space Brothers सृजन और विकास की प्रक्रिया के बीच (पूर्वार्ध) ★आगे की ओर देखने वाली भावना से जीना जो अपने मन-शरीर को चमचमाता निखारकर, भीतर की आध्यात्मिकता को गहरा करते जाने के हर काम में परम आनंद महसूस कर सकने वाली जीवन-शैली जीता है, वह खुश…
Voice of Space Brothers अपने ही हृदय को चोट पहुँचाने की आदत से मुक्त होने के लिए (भाग 2) यह लेख पुस्तक «दिन के आरंभ और अंत में» (शृंखला «दिव्य मानवता के रूप में जीने का मार्ग» का खंड 1) में संकलित किया गया है। ब्लॉग के लेखों को सुबह से रात तक के क्रम…
Voice of Space Brothers अपने ही हृदय को चोट पहुँचाने की आदत से मुक्त होने के लिए (भाग 1) यह लेख पुस्तक «दिन के आरंभ और अंत में» (शृंखला «दिव्य मानवता के रूप में जीने का मार्ग» का खंड 1) में संकलित किया गया है। ब्लॉग के लेखों को सुबह से रात तक के क्रम…
Voice of Space Brothers मन-शरीर को दिव्य क्षेत्र के स्पंदन का अभ्यस्त बनाने के लिए (उत्तरार्ध) ​ इसी नाम का पिछला लेख [blogcard url=”https://hi.ascension21.com/voice-of-brothers-361/”]   (पिछली बार से जारी) ★सतह पर आए अँधेरे को बाहर नहीं, मन के भीतर देखकर ऊपर उठाओ तो, ब्रह्मांड-जगत के सारे आकाश और धरती, सबसे सूक्ष्म मन…
Voice of Space Brothers तन-मन को दिव्य क्षेत्र के स्पंदन का अभ्यस्त बनाने के लिए (पूर्वार्ध) ★नकारात्मक शब्दों को मृत शब्द बनाने के लिए “मार डालना (मार डालूँगा, मार डालना चाहता हूँ)” के अर्थ वाले शब्द को, जन्म से आज तक कभी अपनी इच्छा भरकर शब्द के रूप में न कहने वाले…
Voice of Space Brothers बचे हुए 4 महीने पार करें ~ आधुनिक नूह की नाव पर सवार होकर सब जीवित प्राणियों और पूरी प्रकृति के उद्धार के लिए (उत्तरार्ध) ​ इसी नाम के पिछले लेख [blogcard url=”https://hi.ascension21.com/voice-of-brothers-358/”] [blogcard url=”https://hi.ascension21.com/voice-of-brothers-359/”]   (पिछली बार से जारी) ★इच्छा के अनुसार नहीं, पर सोच के अनुसार बने यथार्थ की दिशा सुधारने के लिए आज के संसार को देखकर, शरीर…