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तारों के साथ संवाद के युग का द्वार खोलने के लिए

दिव्य मानवता के रूप में जीने का मार्ग

पृथ्वी

Voice of Space Brothers आत्मा के बचपन से स्नातक होने के लिए गहन व्याख्यान (2) (पिछली बार से जारी) ★माँगने वाले विचार के भीतर मौजूद देने वाली चेतना को विकसित करने के लिए तेज़ समझ वाले तुम्हें यहाँ तक आते-आते शायद झलक मिल गई होगी। हाँ, मनुष्य दूसरे जीवों से इस…
Voice of Space Brothers आत्मा के बचपन से स्नातक होने के लिए गहन व्याख्यान (1) ★जिस मनुष्य की आत्मा बचपन में है उसकी विशेषताएँ जब आत्मा बचपन में होती है, तब मनुष्य बात-बात पर किसी से अपने को स्वीकार करवाना चाहता है, है न। इसलिए तीनों लोकों के आकाश में “मुझे…
Voice of Space Brothers दिव्यता को प्रकट करने वाले जीवन-ढंग के बारे में (उत्तरार्ध) (पिछली बार से जारी) ★दिव्य चेतना को बाहर लाने की कुंजी है मानवता के प्रति प्रेम की प्रार्थना उस कार्य और शक्ति को प्रकट करने के लिए, सब कुछ छोड़कर, प्रार्थना करना है। और प्रार्थनाओं में…
Voice of Space Brothers दिव्यता को प्रकट करने वाले जीवन-ढंग के बारे में (पूर्वार्ध) ★देव-बुद्ध मौन नहीं हैं “अगर इस ब्रह्मांड में सचमुच देव-बुद्ध हैं, तो एक झटके में पूरी मानवता की चेतना बदल दें, तो यह दुनिया अभी इसी समय शांत हो जाए……” याद है? ये शब्द वह अस्पष्ट…
Voice of Space Brothers माइंड ड्राइव – विचार भेजने का सही तरीका (भाग 2) यह लेख पुस्तक «दिन के आरंभ और अंत में» (शृंखला «दिव्य मानवता के रूप में जीने का मार्ग» का खंड 1) में संकलित किया गया है। ब्लॉग के लेखों को सुबह से रात तक के क्रम…
Voice of Space Brothers माइंड ड्राइव – विचार भेजने का सही तरीका (भाग 1) यह लेख पुस्तक «दिन के आरंभ और अंत में» (शृंखला «दिव्य मानवता के रूप में जीने का मार्ग» का खंड 1) में संकलित किया गया है। ब्लॉग के लेखों को सुबह से रात तक के क्रम…
Voice of Space Brothers खारे-मीठे पानी के संगम के युग की स्थिति और जीवन-ढंग (उत्तरार्ध) (पिछली बार से जारी) ★खारे-मीठे पानी के संगम के युग के जीवन-ढंग के बारे में शुरू की मछलियों की बात पर लौटकर कहें, तो समुद्र और नदी दोनों में जी सकने वाली मछलियाँ, संगम-क्षेत्र में परासरण-दाब…
Voice of Space Brothers खारे-मीठे पानी के संगम के युग की स्थिति और जीवन-ढंग (पूर्वार्ध) ★खारे-मीठे पानी के संगम में परासरण-दाब का समायोजन और आज का स्पंदन-समायोजन सामन जैसी कुछ मछलियाँ मीठे पानी में भी और समुद्री पानी में भी, दोनों जल-क्षेत्रों में जी सकती हैं, है न। पृथ्वी का आत्मिकीकरण…
Voice of Space Brothers अवचेतन और उसकी शुद्धि (1) यह लेख पुस्तक «दिन के आरंभ और अंत में» (शृंखला «दिव्य मानवता के रूप में जीने का मार्ग» का खंड 1) में संकलित किया गया है। ब्लॉग के लेखों को सुबह से रात तक के क्रम…
Voice of Space Brothers भोर की प्रार्थना यह लेख पुस्तक «दिन के आरंभ और अंत में» (शृंखला «दिव्य मानवता के रूप में जीने का मार्ग» का खंड 1) में संकलित किया गया है। ब्लॉग के लेखों को सुबह से रात तक के क्रम…
Voice of Space Brothers मन प्रधान है और शरीर अनुगामी, इस बारे में ★शरीर में होने वाले बदलाव असेंशन का मुख्य तना नहीं हैं लगता है कुछ लोग “असेंशन करना चाहता हूँ” या “असेंशन कर लिया” को शरीर में होने वाले बदलावों को प्रधान मानकर सोचते हैं, पर सच्चा…
Voice of Space Brothers चेतना के विकास का सही रूप (3) (पिछली बार से जारी) ★दिव्य चेतना की घोषणा और जीवन का संचालन इसलिए, “सब सुखी हों” “मानवता दिव्यता के प्रति जागे” “पृथ्वी-लोक में शांति हो” “धरती पर जीवन का मूल सामंजस्य चित्रित हो” इस तरह, बस…
Voice of Space Brothers चेतना के विकास का सही रूप (2) (पिछली बार से जारी) ★चेतना के विकास की ओर बढ़ने वाले व्यक्ति की चेतना का सही रूप यहाँ, चेतना के विकास की ओर बढ़ने वाले व्यक्ति की चेतना का सही रूप क्या है, इस पर थोड़ा…
Voice of Space Brothers चेतना के विकास का सही रूप (1) ★जिसमें आसानी से फँसा जाता है, वह छद्म-असेंशन हाल में, चेतना के बारे में नियमित निरीक्षण करते हुए यह विचार पकड़ में आया, “पृथ्वी-जगत तो पहले ही असेंशन कर चुका है, इसलिए असेंशन शब्द अब मृत…
Voice of Space Brothers सच्ची शक्ति (उत्तरार्ध) (पिछली बार से जारी) ★जड़ में बैठा मृत्यु का भय पृथ्वी के लोग जानते हैं या नहीं, यह अलग बात है, पर अतीत की मानव-दृष्टि में जकड़े हुए सब लोग, एक-एक करके सब, शरीर के जीवन…
Voice of Space Brothers सच्ची शक्ति (पूर्वार्ध) ★द्वैत के टकराव की दुनिया में ठहरा हुआ व्यक्ति जो व्यक्ति मुँह खोलते ही दूसरों की आलोचना, निंदा और मनमाने मूल्यांकन में लगा रहता है, उसे द्वैत के टकराव वाली ऊँच-नीच की होड़ में मूल्य देखने…
Voice of Space Brothers पृथ्वी-जगत में सामंजस्य लाने वाली शक्ति (उत्तरार्ध) (पिछली बार से जारी) ★विभिन्न देवताओं, अंतरिक्ष के भाइयों और पृथ्वी के सच्चे लोगों की त्रिमूर्ति बनकर पृथ्वी के उद्धार का कार्य तो धरती पर चेतना के विकास की ओर बढ़ने वाले लोगों के भौतिक शरीर…
Voice of Space Brothers पृथ्वी-जगत में सामंजस्य लाने वाली शक्ति (पूर्वार्ध) ★पृथ्वी-जगत के राष्ट्रों-जातियों और धर्मों की स्थिति एक हाथ से हथियार और गोला-बारूद फेंकते हुए, दूसरे हाथ से “आइए, मिल-जुलकर रहें” कहकर हाथ बढ़ाना। पृथ्वी के बड़े देशों की स्थिति में अभी भी आत्मकेंद्रित विरोधाभास झलकने…
Voice of Space Brothers सत्य और मानवता के संबंध के बारे में ★ऐसा युग जिसमें सत्य की झलक कहीं भी पाई जा सकती है अब तो कहीं भी, कुछ भी करते हुए, अचानक चेतना को दिव्य क्षेत्र के केंद्र में एकाग्र करो तो तरह-तरह की समझ कौंधने लगती…
Voice of Space Brothers अपराध को धरती से मिटाते जाने के लिए (उत्तरार्ध) (पिछली बार से जारी) ★ऐसी दुनिया बनाने के लिए जहाँ कोई भी हत्या में कोई मूल्य न देखे तो, आज की समस्या की जड़ को देखते चलें, तो शुरू में बताए गए मन के रोग (अँधेरे)…
Voice of Space Brothers अपराध को धरती से मिटाते जाने के लिए (पूर्वार्ध) ★हत्या और हिंसा तब कर्म में उतरती है जब मन अँधेरे में घुल-मिल गया हो तुम्हारी चेतना के परदे से होकर देखी जाने वाली पृथ्वी की ख़बरों में, मन के रोग (अँधेरे) से ग्रस्त होने के…